#रिश्ते और संबंध

डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
4:53
मेरी पत्नी बार-बार मुझे साफ करवाते एक में दिखने में अच्छा नहीं हूं मैं काफी अवसाद ग्रस्त होते जा रहा हूं क्या करूं मेरे यहां ध्यान रखें कि आपकी कोई कमजोरी जिसका और लाभ उठा रही है देखने में अच्छा नहीं अंदर से अच्छा है ऐसा भी हो सकता है और बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने आप में एक तो ध्यान रखें आप इन पीरियाडिक कांप्लेक्स के शिकार हैं और आपकी पत्नी जो है सुपर हाटी कांप्लेक्स के शिकार है एक तरफ का पत्नी कह रहे हैं तो पत्नी हो है जब पति के प्रति समर्पित और पति पत्नी के प्रति समर्पित हो इसका मतलब आप लोगों के बीच में कहीं न कहीं गांठ है और बता दिए ऐसा नहीं पति पत्नी हमेशा एक दूसरे के प्रति समर्पित हो तभी बाद आता है और विवाद होना भी चाहिए थोड़ा-बहुत छेड़छाड़ जिस से प्यार बढ़ता है करें कि इसके लिए अवसाद ग्रस्त पहली बात तो यह प्यार अपने में मस्त रहिए उम्र आपने नहीं बताया अगर आरंभिक अवस्था में ऐसा है तो मित्र है निश्चित रूप से आप उनसे दूर रखने की कोशिश करिए बुरा तो लगेगा लेकिन मैं कहूंगा कि अगर मुक्त हो सके तो मुक्त हो लीजिए नहीं तो डर अवसाद ग्रस्त होते जा रहे थे एक दिन आपका अपने आप पर नियंत्रण हट जाएगा उम्र ज्यादा हो गई है तो पहले तो अपने अंदर कॉन्फिडेंस पैदा करिए समीना विष्कुंभ हम पर हुक्म भी होते हैं बहुत से लोग देखने में बहुत खूबसूरत होते हैं अंत में कपटी होते हैं दूसरी बात शादी विवाह के बाद सुंदरी उतना वीडियो फुल नहीं होता जो शरीर का होता है लड़की अंतर्मन का सुंदरी ज्यादा महत्वपूर्ण तहत पत्नी को अहसास कराने की कोशिश करिए और वह अगर बड़े बाप की बेटी हैं या उनका चरित्र को सहसा रहा है समझे आपने इसमें कुछ कमियां आपकी कि आपने अपने रिश्ता बनाते हुए एक ही ध्यान में नहीं दिया है और ज्यादा दिन हो गए तो इसका मतलब कि आपने कहीं ना कहीं उनको बढ़ावा दिया है तो वह मेरा वही कहना कि अपने आप को आप पर अगर ज्यादा उम्र हो गई है तो थोड़ा सा अपने संयम का परिचय दीजिए अपने आप में मस्त रहिए संध्या अपने प्रारंभिक दिन है तो यह मस्ती जो है उसके लिए कोशिश करिए कि जिस गली में तेरा घर ना हो बालमा उस गली में हमें तो रखना नहीं दूरी बनाई है संजय आपने दूरी बना करके जिंदगी जो है बहुत बड़ी नहीं है जितने दिन मिले हैं उसको मस्ती के साथ जीने के लिए जब आप खुद महसूस कर रहे हो साथ गलत हो रहे हैं तो इसका मतलब आप खुद पतन की तरफ मृत्यु की तरफ नकारात्मक दृष्टिकोण की तरफ जा रहे हैं तो कृपया इससे बचने की कोशिश करिए 25 फरवरी का एक वीडियो एक लड़की आयशा का जो अपने पति से और पर या अन्य लोगों से परेशान होकर के सुसाइड कर बैठती है सभी आपने उसका वीडियो वायरल हुआ है तो ध्यान रखें भारतीय परंपरा में यह नकारात्मक दृष्टिकोण भी पलायन वादी दृष्टिकोण भी उचित नहीं है हमारी दोस्ती जो है हमारी मान लेता है जो है हमें इस तरह का पलायन की अनुमति नहीं देती इसमें हम जिंदगी को छोड़ दे जिंदगी जीने के लिए मिली है तो मेरा तो निवेदन है कि एक बार पत्नी को बैठकर समझाइए और अगर वह अपने पैरों पर खड़ी है आत्मनिर्भर हैं समझे आपने तो निश्चित रूप से उनको समझाना थोड़ा कठिन होगा लेकिन अगर वह आप पर निर्भर हैं तो थोड़ा असर हो सकता है कभी आपने लेकिन अगर बड़े बाप की बेटी है नक्सली हैं रिश्ता भी नया हुआ है तो बंदना शास्त्री के काम की तो लिया उसके लिए की जो मधु ऐसे कुछ नाम है उसका वह अपने पति के साथ जो व्यवहार करती मुझे लगता है वही आपके साथ है तो उम्र को देखिए परिस्थितियों को देखिए एक बार प्रयास करिए संभल जाए तो ठीक नहीं साथ रहते हुए भी जिंदगी काट सकते हैं तवज्जो ज्यादा मत दीजिए सर जी आपने हाथी बनी है हाथी चलता है तो कुत्ते भोंकते रहते हो ध्यान नहीं देता है और जब ध्यान दे रहे हैं तो निश्चित कांप्लेक्स से जात के अंदर उपलब्ध होंगे हां सरेआम सबके सामने तो आपके साथ ऐसा कर रही हैं तो थोड़ा सा आपको भी टाइट होना पड़ेगा और अंतर यही है दिन नहीं बस आगे तो ठीक नहीं बांध के बनिया पसार नहीं लगता है मैं तो यह कहूंगा चिंता छोड़ो सुख से जियो मस्ती भरी जिंदगी जीने को सेट करो
Meree patnee baar-baar mujhe saaph karavaate ek mein dikhane mein achchha nahin hoon main kaaphee avasaad grast hote ja raha hoon kya karoon mere yahaan dhyaan rakhen ki aapakee koee kamajoree jisaka aur laabh utha rahee hai dekhane mein achchha nahin andar se achchha hai aisa bhee ho sakata hai aur bahut se log aise bhee hote hain jo apane aap mein ek to dhyaan rakhen aap in peeriyaadik kaampleks ke shikaar hain aur aapakee patnee jo hai supar haatee kaampleks ke shikaar hai ek taraph ka patnee kah rahe hain to patnee ho hai jab pati ke prati samarpit aur pati patnee ke prati samarpit ho isaka matalab aap logon ke beech mein kaheen na kaheen gaanth hai aur bata die aisa nahin pati patnee hamesha ek doosare ke prati samarpit ho tabhee baad aata hai aur vivaad hona bhee chaahie thoda-bahut chhedachhaad jis se pyaar badhata hai karen ki isake lie avasaad grast pahalee baat to yah pyaar apane mein mast rahie umr aapane nahin bataaya agar aarambhik avastha mein aisa hai to mitr hai nishchit roop se aap unase door rakhane kee koshish karie bura to lagega lekin main kahoonga ki agar mukt ho sake to mukt ho leejie nahin to dar avasaad grast hote ja rahe the ek din aapaka apane aap par niyantran hat jaega umr jyaada ho gaee hai to pahale to apane andar konphidens paida karie sameena vishkumbh ham par hukm bhee hote hain bahut se log dekhane mein bahut khoobasoorat hote hain ant mein kapatee hote hain doosaree baat shaadee vivaah ke baad sundaree utana veediyo phul nahin hota jo shareer ka hota hai ladakee antarman ka sundaree jyaada mahatvapoorn tahat patnee ko ahasaas karaane kee koshish karie aur vah agar bade baap kee betee hain ya unaka charitr ko sahasa raha hai samajhe aapane isamen kuchh kamiyaan aapakee ki aapane apane rishta banaate hue ek hee dhyaan mein nahin diya hai aur jyaada din ho gae to isaka matalab ki aapane kaheen na kaheen unako badhaava diya hai to vah mera vahee kahana ki apane aap ko aap par agar jyaada umr ho gaee hai to thoda sa apane sanyam ka parichay deejie apane aap mein mast rahie sandhya apane praarambhik din hai to yah mastee jo hai usake lie koshish karie ki jis galee mein tera ghar na ho baalama us galee mein hamen to rakhana nahin dooree banaee hai sanjay aapane dooree bana karake jindagee jo hai bahut badee nahin hai jitane din mile hain usako mastee ke saath jeene ke lie jab aap khud mahasoos kar rahe ho saath galat ho rahe hain to isaka matalab aap khud patan kee taraph mrtyu kee taraph nakaaraatmak drshtikon kee taraph ja rahe hain to krpaya isase bachane kee koshish karie 25 pharavaree ka ek veediyo ek ladakee aayasha ka jo apane pati se aur par ya any logon se pareshaan hokar ke susaid kar baithatee hai sabhee aapane usaka veediyo vaayaral hua hai to dhyaan rakhen bhaarateey parampara mein yah nakaaraatmak drshtikon bhee palaayan vaadee drshtikon bhee uchit nahin hai hamaaree dostee jo hai hamaaree maan leta hai jo hai hamen is tarah ka palaayan kee anumati nahin detee isamen ham jindagee ko chhod de jindagee jeene ke lie milee hai to mera to nivedan hai ki ek baar patnee ko baithakar samajhaie aur agar vah apane pairon par khadee hai aatmanirbhar hain samajhe aapane to nishchit roop se unako samajhaana thoda kathin hoga lekin agar vah aap par nirbhar hain to thoda asar ho sakata hai kabhee aapane lekin agar bade baap kee betee hai naksalee hain rishta bhee naya hua hai to bandana shaastree ke kaam kee to liya usake lie kee jo madhu aise kuchh naam hai usaka vah apane pati ke saath jo vyavahaar karatee mujhe lagata hai vahee aapake saath hai to umr ko dekhie paristhitiyon ko dekhie ek baar prayaas karie sambhal jae to theek nahin saath rahate hue bhee jindagee kaat sakate hain tavajjo jyaada mat deejie sar jee aapane haathee banee hai haathee chalata hai to kutte bhonkate rahate ho dhyaan nahin deta hai aur jab dhyaan de rahe hain to nishchit kaampleks se jaat ke andar upalabdh honge haan sareaam sabake saamane to aapake saath aisa kar rahee hain to thoda sa aapako bhee tait hona padega aur antar yahee hai din nahin bas aage to theek nahin baandh ke baniya pasaar nahin lagata hai main to yah kahoonga chinta chhodo sukh se jiyo mastee bharee jindagee jeene ko set karo

#टेक्नोलॉजी

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ऐसी कौन सी तीन संख्या जोड़ने पर 60 प्राप्त होगा?Aisee Kaun See Teen Sankhya Jodane Par 60 Praapt Hoga
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
0:36
प्रश्न ऐसी कौन सी तीन संख्या जोड़ने पर 7 प्राप्त होगा तो उस संख्या का मतलब होता है 9 से ऊपर 10 9:00 तक तो उनको बोलते हैं इसके बाद संख्या ऐसा कुछ भी हो सकता है 10 20 30 जोड़ दीजिए 19 20 21 जोड़ लीजिए तो ऐसा कोई भी जवाब हो सकता है तीन कोई भी अंक आप जोड़ी लीजिए सर जी आपने 10 से ऊपर के तो 3 + करके आपकी तरह सकते जैसे आपको बताया 10 20 30 19 20 21 या और भी उत्तर हो सकते
Prashn aisee kaun see teen sankhya jodane par 7 praapt hoga to us sankhya ka matalab hota hai 9 se oopar 10 9:00 tak to unako bolate hain isake baad sankhya aisa kuchh bhee ho sakata hai 10 20 30 jod deejie 19 20 21 jod leejie to aisa koee bhee javaab ho sakata hai teen koee bhee ank aap jodee leejie sar jee aapane 10 se oopar ke to 3 + karake aapakee tarah sakate jaise aapako bataaya 10 20 30 19 20 21 ya aur bhee uttar ho sakate

#पढ़ाई लिखाई

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principal amount 12500, total अमाउंट 15500 इन 4 ईयर्स, रेट ऑफ इंटरेस्ट क्या होगा?Princhipal Amount 12500 Total Amaunt 15500 In 4 Eeyars Ret Oph Intarest Kya Hoga
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:26
बेटा आपका प्रश्न की प्रिंसिपल अमाउंट 12500 टोटल अमाउंट ₹15500 रेट ऑफ इंटरेस्ट क्या होगा टिकट साधारण ब्याज के लिए अगर इसको लगाते हैं तो साधारण ब्याज इस तरह से निकलेगा कि पहले तो मूलधन आप लिख दीजिए 12500 और जो प्रिंसिपल अमाउंट बाद में बना है और 15504 साल में 4 साल में जो ब्याज मिला वह 3000 है अब इसको इस तरह से लगाई नहीं क्योंकि 12500 पर 4 साल में ब्याज बराबर ₹3000 एक रूपए पर 4 साल में कितना होगा ब्याज तो 3000 बटा 12501 रुपे पर एक साल में ब्याज बराबर तो हो जाएगा 3000 बटा 12500 * 4 और अब प्रतिशत पूछा है आपने तो प्रतिशत निकलेगा कि ₹100 पर एक साल में ब्याज बराबर तो आएगा जरा सर साफ-साफ लिखेगा 3000 * 100 बटा 12500 * 400 के 20 12500 के 2018 दीजिए तो बराबर आएगा 3000 बटा 825 और 125 बटा में घोड़े 4 तो बराबर फिर करिएगा तो आएगा 3500 तो कट करके 2050 काट दीजिए उत्तर बराबर आ जाएगा 30 बटे 5 = 6 चैप्टर ब्याज की दर होगी अब इसको अगर आप को निकालना है तो बुला करके निकाल लीजिए 12500 घोड़े से बटेश्वर गुडे 400 से 12500 k20 कट जाएंगे तो आएगा 125 + 4 = 500 + 56 = 3000 12503 जोड़ दीजिए तो आपका उत्तर आ जाएगा 15500 इसका मतलब आपका उत्तर सही है तो वह साधारण ब्याज की दर से यह ब्याज दर हुआ 6% वार्षिक थैंक यू
Beta aapaka prashn kee prinsipal amaunt 12500 total amaunt ₹15500 ret oph intarest kya hoga tikat saadhaaran byaaj ke lie agar isako lagaate hain to saadhaaran byaaj is tarah se nikalega ki pahale to mooladhan aap likh deejie 12500 aur jo prinsipal amaunt baad mein bana hai aur 15504 saal mein 4 saal mein jo byaaj mila vah 3000 hai ab isako is tarah se lagaee nahin kyonki 12500 par 4 saal mein byaaj baraabar ₹3000 ek roope par 4 saal mein kitana hoga byaaj to 3000 bata 12501 rupe par ek saal mein byaaj baraabar to ho jaega 3000 bata 12500 * 4 aur ab pratishat poochha hai aapane to pratishat nikalega ki ₹100 par ek saal mein byaaj baraabar to aaega jara sar saaph-saaph likhega 3000 * 100 bata 12500 * 400 ke 20 12500 ke 2018 deejie to baraabar aaega 3000 bata 825 aur 125 bata mein ghode 4 to baraabar phir kariega to aaega 3500 to kat karake 2050 kaat deejie uttar baraabar aa jaega 30 bate 5 \\u003d 6 chaiptar byaaj kee dar hogee ab isako agar aap ko nikaalana hai to bula karake nikaal leejie 12500 ghode se bateshvar gude 400 se 12500 k20 kat jaenge to aaega 125 + 4 \\u003d 500 + 56 \\u003d 3000 12503 jod deejie to aapaka uttar aa jaega 15500 isaka matalab aapaka uttar sahee hai to vah saadhaaran byaaj kee dar se yah byaaj dar hua 6% vaarshik thaink yoo

#रिश्ते और संबंध

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प्यार एक बार होता है या इंसान को जिंदगी में जितनी बार मौका मिल जाए उतनी बार?Pyaar Ek Baar Hota Hai Ya Insaan Ko Zindagi Mein Jitni Baar Mauka Mil Jaye Utni Baar
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:38
प्यार एक बार होता है इंसान को जिंदगी में जितनी बार मौका मिल जाए उतनी बार अभी क्या किस्मत में आप नहीं आए तब भी आपको प्यार करते अगर व्हाट्सएप पति-पत्नी के संबंधों तक अगर आपने लिया है तो भी उत्तर यही है कि जिनका अपने मन पर सनम नहीं है अपने इंद्रियों पर संयम नहीं है उन्हें मौका मिले तो जितनी बार मौका मिले उतनी बार करेंगे लेकिन अगर आदमी से नियम में है आचरण सीधे संस्कारवान है तो पत्नी के संबंध में तो प्यार एक बार होता है समझे आप में प्रायः अगर कोई बीच में आ कर के चला भी जाता है समझे आपने तो प्यार एक दूसरे किसी के प्रति समर्पित नहीं होता पर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है है शाहजहां और मुमताज का प्यार जो कि 11 बच्चों से अधिक की मां होने पर मरी थी और बेटी के द्वारा प्रताड़ित होने के बावजूद शाहजहां जो है है उसके प्रतीक के रूप में बने ताजमहल को देखकर के अंतिम सांसे दिया था तो बेटा सच्चाई ही प्यार एक बार होता है उस अर्थ में जो पति-पत्नी के लिए सीमित होता अन्यथा अपने बच्चों के प्रति अपने संबंधों के प्रति अपने स्वाभिमान के प्रति भी प्यार हो सकता है लेकिन वह सच में प्यार है जो स्वाभिमान के अंतर्गत आता है समझे आपने जो इमानदारी के रूप में आता जो नैतिकता के रूप में था थैंक यू
Pyaar ek baar hota hai insaan ko jindagee mein jitanee baar mauka mil jae utanee baar abhee kya kismat mein aap nahin aae tab bhee aapako pyaar karate agar vhaatsep pati-patnee ke sambandhon tak agar aapane liya hai to bhee uttar yahee hai ki jinaka apane man par sanam nahin hai apane indriyon par sanyam nahin hai unhen mauka mile to jitanee baar mauka mile utanee baar karenge lekin agar aadamee se niyam mein hai aacharan seedhe sanskaaravaan hai to patnee ke sambandh mein to pyaar ek baar hota hai samajhe aap mein praayah agar koee beech mein aa kar ke chala bhee jaata hai samajhe aapane to pyaar ek doosare kisee ke prati samarpit nahin hota par isaka sabase bada udaaharan hai hai shaahajahaan aur mumataaj ka pyaar jo ki 11 bachchon se adhik kee maan hone par maree thee aur betee ke dvaara prataadit hone ke baavajood shaahajahaan jo hai hai usake prateek ke roop mein bane taajamahal ko dekhakar ke antim saanse diya tha to beta sachchaee hee pyaar ek baar hota hai us arth mein jo pati-patnee ke lie seemit hota anyatha apane bachchon ke prati apane sambandhon ke prati apane svaabhimaan ke prati bhee pyaar ho sakata hai lekin vah sach mein pyaar hai jo svaabhimaan ke antargat aata hai samajhe aapane jo imaanadaaree ke roop mein aata jo naitikata ke roop mein tha thaink yoo

#पढ़ाई लिखाई

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आईपीएस का फुल फॉर्म क्या है?Ipl Ka Full Form Kya Hai
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0:41
बेटा आपने पूछा है आईपीएस का फुल फॉर्म क्या है आई पी और यश अलग-अलग है इंडियन पुलिस सर्विस से भारतीय पुलिस सेवा इसी रंग से जो अपने जिले के पुलिस अधीक्षक हुए इस पद पर बैठते हैं आईपीएस जब उनकी ड्यूटी है उनकी नौकरी पक्की हो जाती है प्रोबेशन पूरी पूरा हो जाता है तो फिर आया वह पुलिस अधीक्षक पद से या इसको आप कहते हैं एसपी ने आप तो एसपी के पद से पुलिस सुपरिंटेंडेंट ने जिले के प्रभारी होते हैं और उनकी नौकरी शुरू होती है
Beta aapane poochha hai aaeepeees ka phul phorm kya hai aaee pee aur yash alag-alag hai indiyan pulis sarvis se bhaarateey pulis seva isee rang se jo apane jile ke pulis adheekshak hue is pad par baithate hain aaeepeees jab unakee dyootee hai unakee naukaree pakkee ho jaatee hai probeshan pooree poora ho jaata hai to phir aaya vah pulis adheekshak pad se ya isako aap kahate hain esapee ne aap to esapee ke pad se pulis suparintendent ne jile ke prabhaaree hote hain aur unakee naukaree shuroo hotee hai

#पढ़ाई लिखाई

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लड़के और लड़कियों में मुख्य 5 अंतर कौन से हैं?Ladke Aur Ladkiyon Mein Mukhy 5 Antar Kaun Se Hain
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:25
आपका प्रश्न एक लड़के और लड़कियों में मुख्य पांच अंतर कौन से हैं तो पहली बात तो शारीरिक जो विन्यास है उपस्थिति के द्वारा दोनों को अलग-अलग दिया गया है पहला अंतर है दूसरा अंतर मुकेश शर्मा संकोच का अगर आप दिखे तो कहीं ना कहीं लड़कियां जो है प्राकृतिक दृष्टि से प्राकृतिक धरातल पर लड़कों की अपेक्षा कहीं अधिक शर्म संकोच से जुड़ी होती हैं उन्हें कहने पर ही सिखाया भी जाता उत्तराधिकार में मिलता है तीसरा जोगिंदर इस प्रियता सुंदरी के धरातल पर लड़कियां लड़कों से कहीं ज्यादा सुंदर परी होती है यार किसी वस्तु के संरक्षण की बात अगर हो समझे अपना खाना बनाना खिलाना चीजों को संभाल के रखना घर की सफाई करना उसमें सामान्य दृष्टि लड़कियां लड़कों से कहीं ज्यादा रुचि रखती हैं और अंत में संवेदनशीलता संवेदना के धरातल पर जो है वह लड़कियां पुरुषों से कहीं ज्यादा संवेदनशील होती शायद भगवान ने मां रूप में जो उसकी प्रतिष्ठा की बहन रूप में जो उसकी प्रतिष्ठा की है चिकन से की गति पांच अंतर मुख्य रूप से मेरे विचार से आपने पूछा आपको पसंद आएगा
Aapaka prashn ek ladake aur ladakiyon mein mukhy paanch antar kaun se hain to pahalee baat to shaareerik jo vinyaas hai upasthiti ke dvaara donon ko alag-alag diya gaya hai pahala antar hai doosara antar mukesh sharma sankoch ka agar aap dikhe to kaheen na kaheen ladakiyaan jo hai praakrtik drshti se praakrtik dharaatal par ladakon kee apeksha kaheen adhik sharm sankoch se judee hotee hain unhen kahane par hee sikhaaya bhee jaata uttaraadhikaar mein milata hai teesara jogindar is priyata sundaree ke dharaatal par ladakiyaan ladakon se kaheen jyaada sundar paree hotee hai yaar kisee vastu ke sanrakshan kee baat agar ho samajhe apana khaana banaana khilaana cheejon ko sambhaal ke rakhana ghar kee saphaee karana usamen saamaany drshti ladakiyaan ladakon se kaheen jyaada ruchi rakhatee hain aur ant mein sanvedanasheelata sanvedana ke dharaatal par jo hai vah ladakiyaan purushon se kaheen jyaada sanvedanasheel hotee shaayad bhagavaan ne maan roop mein jo usakee pratishtha kee bahan roop mein jo usakee pratishtha kee hai chikan se kee gati paanch antar mukhy roop se mere vichaar se aapane poochha aapako pasand aaega

#मनोरंजन

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सबसे अधिक आनंद किस काम में है?Sabse Adhik Anand Kis Kaam Mein Hai
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:11
क्या आपने पूछा सबसे अधिक आनंद किस काम में है या मिलता है तो हमारे यहां हिंदी में तुझे शंकर प्रसाद हुए हैं उन्होंने एक बहुत ही अच्छी लाइन लिखी जो आपके प्रश्न का उत्तर बन जाएगी कि मनचाही सफलता मिलने पर जो अनुभूति होती है उसे आनंद कहते हैं अब आपने का सबसे अधिक आनंद भैया तुलनात्मक दृष्टि से अगर आप देखेंगे तो जिंदगी में न जाने कितनी बार मनचाही सफलता मिलेगी और मनचाही सफलता मिलेगी तो हर बार आपको आनंद होगा अब कौन सा आनंद छोटा है कौन सा बड़ा है कौन सा प्रभावी के कौन सा कम प्रभावी है यह कहना कठिन है एक मां बच्चे के जन्म देने पर जन्म होने पर अगर आनंदित होती है तो उस बच्चे की शादी में शायद और ज्यादा आनंदित होती है और उसके जब बच्चे पैदा होते तो शायद और ज्यादा आनंदित होती है इस आनंद को हवाई सर्किट करके तुलना दृश्य देखना कठिन है सपना संकट के क्षणों में छोटी सी मदद भी आदमी को आनंदित कर सकती है एक भूखा आदमी को तो भरपेट भोजन उसको मिल जाए शायद उससे ज्यादा आनंद मिलेगा इसका पेट भरा होगा उस स्वादिष्ट भोजन में आनंद खोजने की कोशिश करेगा तो इस तरह से मनचाही जो सफलताएं हैं उसमें जो आपको मूल मंत्र जो आपकी संस्कारों में जो आपकी सूचियों में है उनकी सफलता ही आपको सबसे ज्यादा आनंद कर सकती तो हर आदमी के अपने सौंदर्य बोध होते हैं अपने उद्देश्य होते हैं प्लीज इसको अंग्रेजी में कहते हैं अपनी आंखों की होती है जो जिसकी पसंद है उस पसंद की पूर्ति से उसे जो अनुभूति होगी वह आनंद होगा शायद वही सर्वाधिक का नंबर बताएं
Kya aapane poochha sabase adhik aanand kis kaam mein hai ya milata hai to hamaare yahaan hindee mein tujhe shankar prasaad hue hain unhonne ek bahut hee achchhee lain likhee jo aapake prashn ka uttar ban jaegee ki manachaahee saphalata milane par jo anubhooti hotee hai use aanand kahate hain ab aapane ka sabase adhik aanand bhaiya tulanaatmak drshti se agar aap dekhenge to jindagee mein na jaane kitanee baar manachaahee saphalata milegee aur manachaahee saphalata milegee to har baar aapako aanand hoga ab kaun sa aanand chhota hai kaun sa bada hai kaun sa prabhaavee ke kaun sa kam prabhaavee hai yah kahana kathin hai ek maan bachche ke janm dene par janm hone par agar aanandit hotee hai to us bachche kee shaadee mein shaayad aur jyaada aanandit hotee hai aur usake jab bachche paida hote to shaayad aur jyaada aanandit hotee hai is aanand ko havaee sarkit karake tulana drshy dekhana kathin hai sapana sankat ke kshanon mein chhotee see madad bhee aadamee ko aanandit kar sakatee hai ek bhookha aadamee ko to bharapet bhojan usako mil jae shaayad usase jyaada aanand milega isaka pet bhara hoga us svaadisht bhojan mein aanand khojane kee koshish karega to is tarah se manachaahee jo saphalataen hain usamen jo aapako mool mantr jo aapakee sanskaaron mein jo aapakee soochiyon mein hai unakee saphalata hee aapako sabase jyaada aanand kar sakatee to har aadamee ke apane saundary bodh hote hain apane uddeshy hote hain pleej isako angrejee mein kahate hain apanee aankhon kee hotee hai jo jisakee pasand hai us pasand kee poorti se use jo anubhooti hogee vah aanand hoga shaayad vahee sarvaadhik ka nambar bataen

#मनोरंजन

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क्या अंग्रेजी फिल्में अंग्रेजी सीखने में मदद करती है?Kya Angreji Films Angreji Seekhne Mein Madad Karti Hai
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1:01
कपास में क्या अंग्रेजी फिल्में अंग्रेजी सीखने में मदद करती हैं तो अगर प्योर इंग्लिश पिक्चर है तो निश्चित रूप से इंग्लिश पिक्चर से आप इंग्लिश नहीं सीख सकते हैं क्योंकि उनका जो उच्चारण होता प्रणाम सेशन वह हमारी समझ में नहीं आता है तो भी अंग्रेजी सीखने के लिए समय प्राथमिकता घर चाहिए और उसके लिए अंग्रेजी किताबें या अंग्रेजी पेपर जो है वह कहीं ज्यादा मदद करते हैं हां कुछ ऐसी फिल्में जोड़ डब की गई हो अंग्रेजी में जिनके नीचे अंग्रेजी में बातें कही जाती हैं उनको पढ़ करके थोड़ी हमें मदद मिल सकती है अन्यथा आप यह सोचे कि केवल हिंदी की फिल्में देखकर कोई हिंदी सीख जाए यह संभव है अंग्रेजी की पिक्चर देखकर हां अंग्रेजी की किताबें पढ़कर के अंग्रेजी के न्यूज़ पेपर पढ़ करके हम अपने अंग्रेजी को और विशिष्ट बना सकते हैं गरीबी के ज्ञान को विशेष बना सकते थे
Kapaas mein kya angrejee philmen angrejee seekhane mein madad karatee hain to agar pyor inglish pikchar hai to nishchit roop se inglish pikchar se aap inglish nahin seekh sakate hain kyonki unaka jo uchchaaran hota pranaam seshan vah hamaaree samajh mein nahin aata hai to bhee angrejee seekhane ke lie samay praathamikata ghar chaahie aur usake lie angrejee kitaaben ya angrejee pepar jo hai vah kaheen jyaada madad karate hain haan kuchh aisee philmen jod dab kee gaee ho angrejee mein jinake neeche angrejee mein baaten kahee jaatee hain unako padh karake thodee hamen madad mil sakatee hai anyatha aap yah soche ki keval hindee kee philmen dekhakar koee hindee seekh jae yah sambhav hai angrejee kee pikchar dekhakar haan angrejee kee kitaaben padhakar ke angrejee ke nyooz pepar padh karake ham apane angrejee ko aur vishisht bana sakate hain gareebee ke gyaan ko vishesh bana sakate the

#रिश्ते और संबंध

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क्या उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर स्त्री और पुरुष की चाहत बदलती रहती है?Kya Umr Ke Alag-alag Padaav Par Stree Aur Purush Kee Chaahat Badalatee Rahatee Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:37
क्यों मैं के अलग-अलग पढ़ाओ पर स्त्री और पुरुष की चाहत बदलती रहती बिल्कुल बेटा एक बच्चा जो होता है बिल्कुल है वह जैसे जैसे समझदार होता है समय के अनुसार उसके होगी बदलती रहती है समझे अपना तो उम्र का भी कुछ असर होता है बचपन में आप जो करते हैं किशोरावस्था में निश्चित रुप से आपकी जो चाहत है वह बदल जाती है इसके बाद प्रौढ़ावस्था और किशोरावस्था के बीच में युवावस्था आती है इसे व्यक्ति शादी विवाह करता है उस समय की जो बातें होती है वह प्रौढ़ावस्था में आकर के बदल जाती खानपान ना बाहर व्यवहार बातचीत सब कुछ बदलता रहता है जैसे ही से आदमी कान गोवर बदलता है उसके पद भी तो बदलते हैं जैसे आज मैं प्रेस पर हूं कभी मैं लेक्चरर साले के रखना डीजे शुरू में आया था तो वह कमरों में ड्यूटी कराई जाती थी और सीनियर हो गया तो मुझसे सुपरवाइजर की ड्यूटी ली जाने लगी और सीनियर हुआ तो मुझे एग्जाम का प्रभारी बनाया जाने लगा और अब तो सुपरिंटेंडेंट बनता हूं तो इस प्रकार से ऐसा ही बात यही है कि उम्र का पड़ाव जो होता है वह स्त्री हो या पुरुष हर तरह से बदलता है प्रकृति का भी इसमें प्रभाव होता है परिस्थितियों का बायो प्रभाव होता है एक बहू जो छोटे से बच्चे को जन्म देती है कोई बच्चा जब बड़ा होता है उसकी अपनी बहू आती है तो निश्चित रूप से जन्म देने वाली मां जब सांस बन जाती है तो उसका व्यवहार तो बदलेगा चाहत बदलेगी समझे अपना औकात से ज्यादा फिर अपने बच्चे और बच्ची के बच्चे को प्यार करने लगेगी और खानपान भी पहनता है बदलता है पहनावा भी बदलता है सब्जी अपना थोड़ा सा पानी में देरी भी बदलता है तो यह तो बदलाव प्रकृति का एक नियम है समझा अपना जवानी में भले ही कोई पूजा पाठ नहीं करता वृद्धावस्था में आकर के एक्टिव पर्सन हेलो मैम की तरफ बढ़ जाते हैं कभी मजबूरी में कभी दिखावे के तौर पर कभी जब सब तरफ से निराश होने लगते हैं तो फिर भगवान की शरण में ही चले जाते हैं तो कुछ लोग मस्त रहते हैं उनके बाल बच्चे बच्चों में मस्त रहते हैं अच्छे हैं बाल बच्चे तो उनके धर्म कर्म का अपना जो दृष्टिकोण होता है दूसरा होता है तो परिस्थितियां आदमी के आचरण का बदलाव करती है इसलिए आपके प्रश्न का उत्तर है हां परिस्थितियां बदले की आचरण बदलेगा चाहत भी बदलेगा स्त्री या पुरुष कोई भी होता है

#जीवन शैली

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कुछ लोग लड़कियों को आज भी उनकी मर्जी क्यों जीवन नहीं जीने देते है?Kuch Log Ladkiyon Ko Aaj Bhe Unke Marji Kyun Jeevan Nahin Jeene Dete Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
4:33
आपका प्रश्न कुछ लोग लड़कियों को आज भी उनकी मर्जी से क्यों जीवन नहीं जी ने देते हैं ऐसा है कि यह देश से जो है ना वह परंपरा से जुड़ा हुआ है इस समय अपना घर का बुजुर्गों के जिंदा है वह अपने बच्चों पर अपना अधिकार चाहता है और उसके बच्चे अपने बच्चों पर अपना अधिकार चाहते हैं वह अपने अनुसार उसको डालते हैं किसान का बेटा अपने बच्चे को किसानी के खाता है या बच्चा सीखता भी है समझे ना इसी तरीके से कोई दुकानदार है तो उसका बच्चा दुकानदारी सीखेगा दुकान की चीजों से ज्यादा होगी जिस चीज की दुकान होगी उसको नालेज है उसे होगा ऐसे माता-पिता जो है वह बच्चों में अपना भविष्य देखते हैं और यह देश अपने बच्चों के लिए जिंदा रहता अलग दोनों चीजें हैं बुजुर्ग जो इस देश के हैं वह अपने बच्चों को अपने अनुसार डालना चाहते हैं क्योंकि उनकी मान्यता में यह होता है कि बच्चा जो है इस तरह से चलेगा तो वह रोजी रोटी अपनी कमा लेगा अपने बाल बच्चों को सुख में रख लेगा किसी एक दृष्टिकोण नहीं होता कि बिल्कुल मेरी नकल ही करें समझे आपने पहले के बच्चों की छोटी उम्र में शादी हो जाती थी इसलिए उस पर नजर ज्यादा रखी जाती थी अब बच्चे समझदार हो रहे हैं और देखा देखी उन्हें छूट भी मिल रही है लेकिन जो भटकाव कभी हो जाता है तो उसे लोग डर जाते हैं कहीं एक बच्ची अगर भटक गई गांव की तो गांव भर के जो लोग होते हैं अपनी बच्चियों को उस भटका उसे रोकना चाहते हैं इसके पीछे उनका दृष्टिकोण लिखे होता है कि इस बच्ची के भटकने से मेरी अपनी बच्ची के भटकने से उसका भविष्य बर्बाद हो जाएगा इसलिए उस पर अंकुश रखते हैं और भैया जी आपने प्रश्न के कुछ लोग लड़कियों को कुछ लोग लड़ तुमको नहीं लड़कों को भी इसी तरह सपने हम कुछ में रखते हैं और मैं ऐसे परिवार भी देख चुका हूं जहां 80 साल का बाप अपने 60 साल के बच्चों पर जिसके अपने 40 साल का बच्चा और 40 साल के बच्चे का अपना 20 साल का बच्चा है उन्हें पहली दूसरी तीसरी चौथी वीडियो देख रहा है 20 साल का तो 80 साल का बूढ़ा जो कहता है वह 60 साल का उसका बच्चा वही करता है और पूछा मैंने तो उन्होंने बताया कि अगर पापा की बातें हमें अच्छी नहीं लगती है तो हम लोग उनसे मिल कर के उन्हें खाना पीना खाने के बाद वह मौज में बैठते हैं टीवी आदि देखते हैं तो उनके सामने हम प्रश्न रखते हैं कि ऐसा नहीं है ऐसा होना चाहिए और वे इस बात को स्वीकार करते हैं तो ऐसी ही बात है कि यह जो उन्मुख होता शख्स अमृता या संस्कारों के विपरीत चलने की स्थिति है कुछ डर कर के लोग अपने बच्चों पर अपना अंकुश रखते हैं अन्यथा आर्य जी जी रहे हैं और आपका यह प्रश्न है अब देश के 15 20 30 पति पत्नी मान सकते हो आप परिवारों पर लागू है पंजाब में प्यार में भविष्य की चिंतन को ले करके अगर थोड़ा सा बंधन लगाया गया है तो ध्यान रखें मित्र की प्रसाद जी ने कहा है कि बंधन में मुक्ति देता मुक्ति में बंधन देता है आपने तो अपनी मर्जी से जीने का मतलब यही है कि परिवार के लोग जब किसी पर अंकुश अदा कर रहे हैं तो इस कारण से को कहीं भटक आओ ना सब अपनी मर्जी से जी रहे हैं आज लड़कियां के लिए बीए में करने के लिए बाहर जा रहे हैं कंपटीशन में भाग ले रही हैं सेलेक्ट हो रही हैं नौकरी करने 34 वर्षों से गवर्नमेंट देगी रखा और आ रही है खूब कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां दबाव है अब उस पर भी वह दबाव कम हुआ है लेकिन फिर भी यह बात तो ध्यान रखें कि उन्मुक्त आवश्यक समझौता का विरोध होना चाहिए जहां एक जीवन जीने का जो नजरिया है उसके अनुसार हर किसी में योग्यता है दक्षता है तो उसकी छोटी सी बिल्ली चाहिए और आपके प्रश्न का उत्तर है कि हां अभी कुछ परिवार है जहां ऐसा है लेकिन अभी बंधन शिथिल होता जा रहा है अध्यक्ष देखा लोग टाइट रखते हैं तो देखी दिखा लो सूट भी दे रहे थैंक यू

#पढ़ाई लिखाई

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हम पढ़ने के बाद भूल जाते हैं ऐसा क्यों इसका कुछ उपाय बताइए?Ham Padhne Ke Baad Bhul Jate Hain Aisa Kyun Iska Kuch Upay Bataie
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:05
हमको पढ़ने पढ़ने के बाद भूल जाते हैं ऐसा क्यों इसका कुछ उपाय बताइए देखिए ऐसा है कि अलग-अलग क्षमताओं की बात होती है कुछ लोग एक बार पढ़ कर के दिमाग में बात बैठा लेते हैं कुछ लोग भूल जाते इसका एक कारण यह है कि हमारा मानसिक विकास कितना हुआ है और हर हर किसी की मानसिकता मुख्यालय गलत होती है तो थोड़ा सा पढ़ाई के पहले तो अपने को गंभीर करें जो चीज पड़े उस समय दिमाग को केंद्रित करें मैं देख कर पढ़ें दिमाग नहीं लग रहा है तो थोड़ा सा किसी चीज का सहारा लेकर की तैनाती लाइन टू लाइन चलाते चले ऊपर से चलें थोड़ा बोल करके पड़े इस पर भी अगर आपकी समझ में नहीं आ रहा है अब भूल जाए तो थोड़ा पढ़ते जा और आप मुंह करके बैठ करके सोचे कि मैंने क्या पढ़ा है तो हो सकता है कि जो धीरे-धीरे आपके दिमाग में आने लगे एक बार पढ़ने दो बार तीन बार पढ़ पढ़ कर के आगे बढ़े और कुछ बात कम पड़े तो बात करें तो उससे क्या होगा कि धीरे-धीरे 12 से जवाब तो दो चार बातें भी आपको याद रहेंगी तो आगे बढ़ते जाएंगे एक एक दो दो यार उतर जाएगा तो आपकी याददाश्त में सुधार हो सकता है लेकिन उसके लिए वही है कि पड़े थोड़ी देर बैठ कर के सूची भूल जाए एक बार फिर पढ़े और दिमाग को केंद्रित करने की कोशिश करें एकाग्रता जितनी ज्यादा होगी इतनी ज्यादा याद आता है और इधर उधर से मन को हटाने की कोशिश में भटक रहा है उसको रोकने की कोशिश करें

#जीवन शैली

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कल मुझे एक दुकानदार ठग दिया है मैं असली और नकली चार्जर की पहचान कैसे कर सकता हूं?Kal Mujhe Ek Dukandaar Thag Diya Hai Main Asli Aur Nakli Charger Kee Pehchan Kaise Kar Sakta Hu
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:15
आपका पर्सनल अपने आप में स्पष्ट नहीं कल मुझे एक दुकानदार ने कर दिया है मैं असली और नकली चार्जेस की पहचान कैसे कर सकता हूं लेकिन पहली बार कि अभी आप खुद नहीं क्लियर कर पा रहे हैं को 4000 असली है नकली तो पहली बार किसी दूसरे दुकानदार से दिखाएं संजना दुकानदार को दिखाएं हैं तो आपको बता देगा असली या नकली और दूसरी बात की पहचान करने के बाद आप किसी से मिली पहचान करें और पहचान करने के बाद अगर आपको उसने रसीद दिया है अब तो आप कंजूमर कोर्ट में दी जा सकती है और उसने आपके साथ ठगी की है तो उससे क्या लिख रहा है रसीद पर कंपनी करके कर दिया है और लोकल कंपनी का है दूसरी कंपनी का है 30 कोठाई माना जाएगा समझे आपने लेकिन आप बिना किसी कागज पत्र के उस से लेकर के चले आए तो फिर केवल विवाद हो सकता है या उस दुकानदार दबाव हो सकता है को सांसद बदन लेकिन पहले क्लियर कीजिए दूसरे किसी से मिलकर की का आपको मिला हुआ चार्जर असली है नकली थैंक यू

#जीवन शैली

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काम के ना काज के दुश्मन अनाज के यह कहावत क्यों है और किस इंसान को कही जाती है?Kaam Ke Na Kaaj Ke Dushman Anaj Ke Yah Khavat Kyon Hai Aur Kis Insaan Ko Kahi Jati Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
0:47
काम के न काज के दुश्मन अनाज की यह कहावत क्यों है और किस इंसान को कही जाती है लेकिन कुछ लोग कामचोर होते हैं वह दूसरों की कमाई पर ऐश करना चाहते हैं जीवन बिताना चाहते हैं तो ऐसे कामचोर आलसी महत्वाकांक्षी जो लोग हैं उनके लिए कहावत कही गई है काम-धाम तो कुछ करता नहीं हो भोजन किया करता है तो हिंदी भाषा में इसको कहते निखट्टू सपना और एक प्रकार की कहावत लोकोक्ति है तो ऐसे काम चालू काम से उन लोगों के लिए जो खाने-पीने में तो तेज होते हैं लेकिन काम करने में मैं पसंद नहीं करते काम करना आरती आरती हो सोने के लिए कहा गया है

#धर्म और ज्योतिषी

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हर मनुष्य एक ही प्रकार की गतिविधि देखकर अलग-अलग प्रक्रिया क्यों देता है?Har Manushy Ek Hee Prakaar Kee Gatividhi Dekhakar Alag-alag Prakriya Kyon Deta Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:31
किताब का प्रश्न है हर मनुष्य एक ही प्रकार की गतिविधि देखकर अलग-अलग प्रक्रिया क्यों देता है देखो हर मनुष्य की अपनी अलग अलग जीवनशैली होती है अपना जीवन दर्शन होता अपनी मान्यताएं होती हैं काम करने की अपनी सहेली होती है एक मजदूर और एक पढ़े लिखे व्यक्ति के कार्य में सोच में अंतर शायद ही देखा जा सकता है दो सगे भाई अलग-अलग सोच रखते दो सगी बहनें अलग-अलग सोच रखती है तो ऐसे में किसी भी गतिविधि पर लोगों की अलग-अलग प्रक्रिया होना स्वाभाविक है यह उनकी चेतना का उनके चिंतन का है उनकी संवेदनशीलता का प्रभाव माना जा सकता है उदाहरण के लिए एक बकरा है उसे पालने वाला जो है वह गुस्से में आएगा तो एक मात्र इतना कहेगा कि तुझे कसाई गया मैं भेज दूंगा लेकिन कसाई बकरे को बदमाशी करते देखेगा गहरा का टीका क्या दोनों का भाव एक ही है दंड देना लेकिन कसाई अपनी गतिविधि के अनुसार उसे काटना चाहता है और पालने वाला उसे बेचना चाहता है तो यह संस्कारों का परंपराओं का मान्यताओं का कुल करके पहले एक ही परिवार के लोगों के जीवन दर्शन का क्योंकि परिवार में भी हम एक ही कर दी जिस पर लोगों के अलग-अलग विचार से जीवन जीने का नजरिया है जीवन दर्शन का

#जीवन शैली

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कुछ लोग सोते हुए बोलते हैं क्या इसका कोई मनोवैज्ञानिक कारण है?Kuch Log Sote Hue Bolte Hai Kya Iska Koi Manvaigyanik Karan Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:42
किताब का प्रश्न है कुछ लोग सोते हुए बोलते हैं क्या इसका कोई मनोवैज्ञानिक कारण है कह दिया उसके बाद ही उनको रेगुलर उन्होंने माना है कि मनुष्य के मन के तीन से होते हैं हम लोग दो हिस्से मानते थे पहले यह तन मन जिसमें मनुष्य काम करता है और अचेतन मन यह प्रोग्राम करता है साइन करता है अब उन्होंने तीसरे मन की परिकल्पना की जिसे कहा और माना कि चेतन मंजू इच्छाओं का गुलाम होता है शाम के वशीभूत होता है एक शाम को ले करके जो सक्रिय होता है वह जब कर्म करता का फल की इच्छा करने लगता लेकिन जब कर्म करते हुए उसे उचित फल नहीं मिलता है तो उसे दुख होता है वेदना होती है जिसे कुंडा का जो सफल हो गया उसके अंदर सुप्रिया ठीक कांप्लेक्स और जो असफल हो है उसके अंदर इंफेरियारिटी कंपलेक्स डेवलपर होती है और चेतन मन में यह भाव बढ़ गया असफल होने का या सफल होने का दोनों बातें आती यह सफल हो जाते हैं वह अपने को सुपीरियर समझने में और जो असफल होते इनफीरियर समझने लगते अपने आप को समझने लगते हैं तो जब भी उन्हें मौका मिलता है तो उनका अवचेतन मन अपने आप सक्रिय होता है इसीलिए चेतन में अजीबोगरीब हरकतें करते हुए हम लोगों को देखते हैं और फ्लैट और उनके साथी यह भी मानते हैं कि यह अवचेतन मन सेन अवस्था में भी जग जाता है और जब अवस्था में जग जाता है तो वह सपनों के रूप में उसके सामने प्रकट होता है और फिर उनकी जो अतृप्त इच्छाएं हैं तू कहीं ना कहीं उसके अवचेतन में साकार होती है और उसके कारण लोग बोलते ही नहीं बोलते भी हैं गुस्सा करते हैं डर जाते हैं चिल्लाते हैं कभी भी तो गतिविधियां होती हैं और फ्राइडे कहता है उसके अंदर जितना कांप्लेक्स है इतना प्रभावी उतना ही प्रभावित किए हुए व्यक्ति को तीन प्रकार के हीरो हुए थे और जब उसकी यह पूरी हो जाती है उसके अंदर का कांप्लेक्स पूरा हो जाता है तो मनुष्य स्थान तो हो जाता है कि चेतन मन और अवचेतन मन दोनों में ही अवचेतन मन की कुल जाएं अभिव्यक्त होती है थैंक यू

#कुछ अलग

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आप कितने समय से बोलकर पर जुडे हुए है और आपकी अनुभव क्या कहती है बोलकर स्पीकर्स के बारे में ?Aap Kitane Samay Se Bolakar Par Jude Hue Hai Aur Aapakee Anubhav Kya Kahatee Hai Bolakar Speekars Ke Baare Mein
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
4:56
आप कितने समय से बोल कर एक पर जुड़े हुए हैं और रात का अनुभव क्या कहती बोलकर इसलिए मेरे ख्याल से 8 महीने पूरे हो गए हैं मेरे करेगी पहले मैं बुक लेते जवाब दिया था बोल कर तो नहीं वह कल पर यार एक लाख से ज्यादा भेज मेरे जवाब ऊपर थे इसके बाद बोल कर एक के कार्यकर्ता ने जो मुगलसराय से थी उन्होंने मेरे को व्हाट्सएप पर एक प्रश्न पूछा कि आप कहां से हैं और जब मैंने उनको बताया कि मैं बनारस का ही हूं तो उन्होंने कहा गृह त्याग एक बार आप मेरे को फ्री डाउनलोड करिए और देखिए तो शुरू में तो मेरी उतनी सोची नहीं देगी 24 क्वेश्चन का जवाब वैसे ही दे देता था लेकिन धीरे-धीरे मुझे लगा कि इस साइट पर जो जवाब देने वाले लोग हैं और जवाब पूछने वाले लोग हैं कहीं ज्यादा गंभीर प्रकृति के हैं लकी बुक ले भी है उसके बिना तो मैं नहीं करना चाहता वह भी एक अच्छा ही है और लवण के दौरान में लिखकर यह अनुभव किया कि लोगों का उपयोग करने से जोड़ना चाहिए तो दो-चार क्वेश्चन का जवाब दे दिया करता था क्योंकि लोड मेरे पास कभी भी बहुत है और देखते-देखते दो लाख से ज्यादा है बस मेरे जवाबों पर आ गए करीब चार हजार 500 से ऊपर में जवाब दे चुका हूं और 9 से ऊपर 900 से ऊपर सब्सक्राइबर हो गए हैं समझा अपना हालांकि यूट्यूब पर भी काफी टाइम में दे रहा हूं और वहां भी लिख दो से वीडियो मेरे हिंदी के खेल रहे हैं और इससे जुड़े हुए हैं और काफी स्टेट्स में मुझे सुना जा रहा है लेकिन सबसे बड़ा आनंद जवाब देने वाली इतने अच्छे लोग हैं उनके जवाब से हमें कुछ कुछ नया मिलता है तो कभी ग्रुप पर भी ऐसे पूछे जाते हैं कि आनंद में मैं तेरे गूगल पर जा करके अपनी लाइब्रेरी में जाकर उनके जवाब देखना और जवाब देता हूं तो यह कुल मिलाकर के एक बहुत ही सुंदर है और इसके जो इस वीडियो में जो लोग हैं सबसे बड़ी बात है कि बहुत अच्छे हैं अनाप-शनाप क्वेश्चन बहुत कम पूछे जा रहे हैं बड़ी गंभीर प्रकृति के लोग हैं और यह एक अभी टाइम बिताने के लिए बहुत अच्छा माध्यम है अगर आप चाहे तो प्रश्न करें फिर उसका जवाब ले चाहे तो प्रश्नों को देख कर के लोगों का जवाब सुने कुछ ऐसे लोग हैं जो अपने अपने क्षेत्र के माहिर हैं या मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता लेकिन टॉप के जो इसके जवाब देने वाले हैं काफी अच्छे लोग नहीं साडे ₹700 मेरे पास भी आ गए हैं क्या रुपए रोज खाते में डाल देते हैं या लाइक करने वालों के अनुसार या सुनने वालों के साथ आधार पर कोई बहुत ज्यादा जवाब भी नहीं दे पाता हूं 4:00 से जवाब नहीं दे पाता हूं लेकिन फिर भी एक खुशी मिलती है जब इस पर लोग टिप्पणी करते हैं और हमारे जवाबों को पसंद करते हैं तो इस ऐप के बारे में नया 900 900 से ऊपर मेरे साथ टाइगर हालात युटुब पर उसे थोड़ी ज्यादा है 2022 से ऊपर है मुझे खुशी होती है कि चलो यह लोग हमें सुन रहे हैं और सुनने के साथ था हमें एक अच्छा रिस्पांस नहीं मिल रहा है तो मैं तो यही लोगों से कहूंगा कि अगर आप एक बार सेक्स करते हैं तो कोई जरूरत नहीं कि किसी एक कोई सुने या प्रश्नों को देखते जाइए और उनके जवाब दे नहीं तो आपको अपने मन के अनुसार संतोषप्रद प्रेरणादायक समझे आप नाथ की जिज्ञासा का सम्मान करने वाली जवाब आपको मिल जाएंगे और हम भी नहीं सब जवाब एक से ही हूं और यह भी जरूरी नहीं कि आप सब से सहमत हूं लेकिन यह प्रश्न और उत्तर दोनों को सामने रखने की कोशिश कर रहा है ज्यादा और उनको वही लाइन याद आती है कि जरूरी नहीं कि मैं आपके विचारों से सहमत हूं लेकिन आपके विचारों का सम्मान नहीं करूंगा थैंक यू

#रिश्ते और संबंध

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किसी व्यक्ति को परेशानी में सलाह देनी चाहिए या उसका साथ देना चाहिए?Kisi Viyakti Ko Pareshani Mein Salah Deni Chaiye Ya Uska Sath Dena Chaiye
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:23
अमिताभ का प्रश्न है किसी व्यक्ति को परेशानी में क्या सलाह देनी चाहिए या उस का साथ देना चाहिए मेरे विचार से दोनों काम करने चाहिए समझे आप कोई व्यक्ति अगर आपका सुपरिचित है और कोई शुभ कार्य रचना धार्मिक कार्य करते हो या व्यापारिक कार्य करते हुए ऊपर पानी में पड़ा है तो एक दोस्ती मत बढ़ाइए हिम्मत बढ़ाने के लिए दोनों काम करने चाहिए अगर मौका है तो उसका साथ भी दीजिए तन मन धन से और सलाह तो दीजिए कि क्योंकि एक बार मन को करार में नहीं देंगे उसके मन को आप उत्साहित बनाए रखेंगे तो निश्चित रूप से वह आशावादी बंद करके निराशा के बीच कहीं न कहीं सक्रिय रहेगा और सफलता अर्जित करेगा साला है भी थोड़ा ऐसा दीजिए जो रचना भर में हूं सुनना को गलत कार्य कर रहा है तो भी सीधे टैग मत करिए इस तरह से दीजिए कि जो उसके मन को संजय कम प्रभावित कर सके उसकी हिम्मत को प्रभावित कर सके कभी बार कई बार ऐसा भी होता है कि व्यक्ति गलत रास्ते पर चलते हुए परेशान होता है तो चित्र तक उसे कहा जाए उस रस्ते को छोड़ दो जो तुम्हारे काम लायक नहीं लेकिन वह हम वादी है फिर भी आप कब फ्री है उनसे आप सीधे कहने तो बुरा मानेगा इसलिए परिस्थितियों के मद्देनजर ही किसी को सलाह देनी चाहिए और किसी की मदद करनी चाहिए अभी अगर आपका जिगरी दोस्त हो गलती से कहीं गलत रास्ते पर चलना है तो भी मेरी सलाह यही है कि आप का नैतिक दायित्व बनता है उसे संभालने का काम करें कैसे परिस्थिति को देखकर आप निर्णय ले लिया आपने और थोड़ा साफ रुचि ले ले तो आप उसकी तुलना में कहीं ज्यादा व्यवस्थित होंगे क्योंकि उसका मन है जो है वह तो उन परेशानियों में फंसा हुआ है इसलिए अवचेतन मन के कारण वह ऐसी परिस्थितियों में निराकरण उस तरह से नहीं सोच सकता जो आप सोच सकेंगे और अगर आप अपने साथ ही अपने और मित्रों को ले करके उसे सलाह देता हूं उसकी मदद करते हैं तो ज्यादा अच्छा होगा थैंक यू

#रिश्ते और संबंध

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घर खर्च बचाने के लिए मंडियों से सीधे सब्जी लाना सही होगा या खुद घर के छत पर सब्जियां उगाना?Ghar Kharch Bachaane Ke Lie Mandiyon Se Seedhe Sabjee Laana Sahee Hoga Ya Khud Ghar Ke Chhat Par Sabjiyaan Ugaana
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:53
घर खर्च बचाने के लिए मंडियों से सीधी सब्जी लाना सही हो गया खुद घर की छत पर सब्जी उगाना घर की सब्जियां उगाई जा सकती है और कई छोटी-छोटी चीजें जो है वह आसानी से जा सकते हैं सब अपने आप जैसे कि मैं आप पहले सुनना है या दुनिया इसके हरी पत्ती आसानी से कर सकते हैं जो कि मिर्ची का पौधा लगाकर के लिए तत्पर टमाटर के लिए लग जा रहा है गोभी की पौध की लगाए जा सकते हैं और अब तो गर्मी आ रही है तो थोड़ी सी जगह मगर लौकी है या कद्दू है आ तो रही है उसके बीच लगा देते हैं तो काफी कुछ बचत हो सकती है अब देखेंगे कि में कई काम हो जाए एक तो आपका मनोरंजन होगा जो टीवी आज के सामने बैठते हैं या खाली टाइम बसता है घर की महिलाएं हैं वह देखरेख कर सकती हैं थोड़ा सा ध्यान रखें कि कहीं बंदर आदि नहीं आते हो तो तुम्हें जहां से बोल रहा हूं धौलपुर वहां सबसे बड़ी परेशानी की छत पर लोग कपड़े भी नहीं सुखा पाते वह बंदर ले जाते हैं तो अगर यह सुरक्षा है तो तो बहुत बढ़िया बात है आपका मनोरंजन हो सकता है घर की चाय आयत की जो पत्ती निकलती है या थोड़ा सा दोबारा भी आपको मिल जाता है उससे खाद बना लेते हैं तो बहुत सुंदर आवाज तैयार कर सकते हैं मिर्ची है यह टमाटर भी लग सकता है समझा अपना मूली है यह गमलों तक में उगाया जा सकता 70105 फुट की जगह मिल जाए तो कहना ही क्या है तो मंडी से यानी में जो टाइम आपका वर्क होता है पैसा व्यर्थ होता है वह घर में लगाएंगे तो वह एक आनंद ही आएगा और सबसे बड़ी क्यों आपको आनंद मिलेगा जिसकी कोई कीमत नहीं है समझे आपने तो अगर ऐसा करते हैं तो निश्चित रूप से बचत होगी और वैसे तो आजकल मैं देख रहा हूं कि सब्जियों के दाम काफी कुछ गिरे हुए हैं तो 26 किलोमीटर दूर अपने कॉलेज में जाता हूं जहां प्रिंसिपल हूं तो लौटते समय में देखता हूं गांव वाले जो हैं टमाटर है बैगन है वह भी है और मटर है वह अपने खेतों के सामने उठ कर बैठ जाते हैं लेकर किसान को और बाजार की मंडी से कम से कम 20 परसेंट 25पसंद सत्ता देते हैं लेकिन घर पर अगर आप करेंगे तो वही टाइम आपका जो है वह मनोरंजन के रूप में हो जाएगा एक आनंद आएगा और कुछ न कुछ तो पैसा बचेगा इसलिए मेरा मेरी चला है किधर घर की छत का उपयोग कर सकें तो ज्यादा अच्छा है बस व्यवस्था देखने का पानी दे सकते हैं आपके घर में कोई बस 5 मिनट के लिए पौधों को सुबह शाम देखता है और कोई पक्षी या बंदा रानी जो है वह नहीं आती तो तक

#टेक्नोलॉजी

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क्या भारत में पोल्ट्री फार्म एक लाभदायक व्यवसाय?Kya Bharat Mein Poultry Farm Ek Laabhdayak Vyavsay
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:37
क्या भारत में पोल्ट्री फॉर्म एक लाभदायक व्यवसाय करें तो मित्र निश्चित रूप से व्यवसाय तो सभी लाभदायक है जो भारत में चल रहे हैं आजकल मुर्गी पालन व्यवसाय काफी अच्छा छोटे-छोटे बच्चे ला करके हमारी 43035 दिन में तैयार हो जाते हैं सुबह आपने और अच्छा मुनाफा मिल जाता है उनको बस पानी चारा चाहिए और थोड़ा सा जहां उनकी रखा जाता है वह स्थान से दूर होना चाहिए लेकिन दो-तीन चीजों का ध्यान रखें कि फायदा तभी आपको मिल पाएगा जब आपके पास शाम को सभी नंबर क्योंकि देखने या कोई रोग आदि होता है उससे बचाव जो सारी सावधानियां थोड़ा सा उनके यहां रहती हूं अगर आप आदि के इलाके में आप करेंगे तो लुक कड़ा विरोध करते थे जिससे बदबू आदमी थोड़ी आती कितनी भी सफाई आप रखेंगे हम के रोगों के प्रति होता है दूसरा जो आप खुद बादल करी उसकी सप्लाई सप्लाई ढंग से हो गई क्योंकि आजकल लोग डायरेक्ट मैंने देखा है कि अपनी मुर्गियों को मैं देखते हैं कल भी आपने और किसी दलाल के माध्यम से भेजेंगे फर्म के माध्यम से पूछेंगे वह अपना मुनाफा कम आएगा वही मुनाफा आपको अतिरिक्त मिलता है अगर आप डायरेक्ट सप्लाई कर ले जाते हैं तो ठीक है ना तो यह थोड़ा सा ध्यान रखें क्योंकि आज गली गली में इस तरह की दुकानें खुल नहीं जहां मीडिया मछली बेचा जाता है और लोग भी खाने में रुचि भी ले रहे हैं नए बच्चे जो हैं वह में भोजन इस तरह के भोजन में रुचि रखते हैं तब तो थोड़ा सा पहले जानकारी ले लें और जानकारी के साथ देखने का आपके पास पर्याप्त संसाधन है और जहां आप बोल रहे हैं वहां से आप सप्लाई कर सकते डायरेक्टर कर सप्लाई कर सकते हैं तो ज्यादा अच्छा है तो इन सब चीजों को देख कर चले क्योंकि इसमें फायदा तो खूब है लेकिन गड़बड़ी हुई है कि मेहनत बहुत कमियां कम से कम 2 आदमी है 3 आदमी होने चाहिए या तो फिर आपको कोई सहयोगी रखना पड़ेगा वह भी जो सक्रिय हो कि समय से सब कुछ करना है ध्यान रखना एक एक मुर्गी पर ध्यान रखना पड़ता है और फिर आसानी से सप्लाई हो जा और पैसा आपके पास लौट आया करें तो निश्चित रूप से आप को फायदा होगा और थोड़ा पर्यावरण का भी ध्यान रखना पड़ेगा दर्द गर्मी सर्दी उसमें कैसे बचाव करें नंबर थैंक यू
Kya bhaarat mein poltree phorm ek laabhadaayak vyavasaay karen to mitr nishchit roop se vyavasaay to sabhee laabhadaayak hai jo bhaarat mein chal rahe hain aajakal murgee paalan vyavasaay kaaphee achchha chhote-chhote bachche la karake hamaaree 43035 din mein taiyaar ho jaate hain subah aapane aur achchha munaapha mil jaata hai unako bas paanee chaara chaahie aur thoda sa jahaan unakee rakha jaata hai vah sthaan se door hona chaahie lekin do-teen cheejon ka dhyaan rakhen ki phaayada tabhee aapako mil paega jab aapake paas shaam ko sabhee nambar kyonki dekhane ya koee rog aadi hota hai usase bachaav jo saaree saavadhaaniyaan thoda sa unake yahaan rahatee hoon agar aap aadi ke ilaake mein aap karenge to luk kada virodh karate the jisase badaboo aadamee thodee aatee kitanee bhee saphaee aap rakhenge ham ke rogon ke prati hota hai doosara jo aap khud baadal karee usakee saplaee saplaee dhang se ho gaee kyonki aajakal log daayarekt mainne dekha hai ki apanee murgiyon ko main dekhate hain kal bhee aapane aur kisee dalaal ke maadhyam se bhejenge pharm ke maadhyam se poochhenge vah apana munaapha kam aaega vahee munaapha aapako atirikt milata hai agar aap daayarekt saplaee kar le jaate hain to theek hai na to yah thoda sa dhyaan rakhen kyonki aaj galee galee mein is tarah kee dukaanen khul nahin jahaan meediya machhalee becha jaata hai aur log bhee khaane mein ruchi bhee le rahe hain nae bachche jo hain vah mein bhojan is tarah ke bhojan mein ruchi rakhate hain tab to thoda sa pahale jaanakaaree le len aur jaanakaaree ke saath dekhane ka aapake paas paryaapt sansaadhan hai aur jahaan aap bol rahe hain vahaan se aap saplaee kar sakate daayarektar kar saplaee kar sakate hain to jyaada achchha hai to in sab cheejon ko dekh kar chale kyonki isamen phaayada to khoob hai lekin gadabadee huee hai ki mehanat bahut kamiyaan kam se kam 2 aadamee hai 3 aadamee hone chaahie ya to phir aapako koee sahayogee rakhana padega vah bhee jo sakriy ho ki samay se sab kuchh karana hai dhyaan rakhana ek ek murgee par dhyaan rakhana padata hai aur phir aasaanee se saplaee ho ja aur paisa aapake paas laut aaya karen to nishchit roop se aap ko phaayada hoga aur thoda paryaavaran ka bhee dhyaan rakhana padega dard garmee sardee usamen kaise bachaav karen nambar thaink yoo

#भारत की राजनीति

bolkar speaker
ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahko Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiyia
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:31
आपका व्रत में ग्राहकों के मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना है व्यापारी को अपना सामान भेजना है इसलिए ग्राहक जो उसका अन्नदाता कुछ ग्राहक जिद्दी होते हैं मूल भाव अजीबो-गरीब तरीके से करते हैं कुछ सहज भाव से करते हैं कुछ स्थान ऐसे भी हैं जहां मोलभाव नहीं होता है अपना अलग अलग परिस्थितियां धौलपुर से बोल रहा हूं वहां कुछ स्थान ऐसे हैं कि 100 की चीज पौने दो सौ दो सौ तक बोली जाती है अब सोने दे दी जाती है आदमी सत्तर ₹75 कम करा कर बहुत खुश हो जाता है तो वहां जो मोलभाव करने वाले नहीं हैं उन्हें मूर्ख समझा जाता है ऐसा आदमी कहीं दूसरी जगह जाएगा जहां बिल्कुल भी बोल भाव नहीं होता तो एक बार होगा जरूर करेगा जरूर प्रयास की आदत है ना इसलिए व्यापारी मेरे को चाहिए वह ग्राहक को संतुष्ट करें समझाए बताएं और सामानों से दे एक बार अगर विश्वास दिला दें कि वर्जिनल सामान ऑफ डुप्लीकेट सामान नेताम का बहुत अंतर होता ओरिजिनल सामान दे रहा है और एक बार वह अपने ग्राहक का दिल जीत ले गया था हो सकता दोबारा ग्राहक लोड करके आगे समझ रहे हैं ना कुछ ऐसे भी होते हैं जो मोलभाव करने पर ग्राहकों के साथ बदतमीजी व्यवहार कर जाते हैं ग्राहक जो है फिर ऐसी दुकानों की तरफ मुंह नहीं करता है थैंक यू
Aapaka vrat mein graahakon ke molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana hai vyaapaaree ko apana saamaan bhejana hai isalie graahak jo usaka annadaata kuchh graahak jiddee hote hain mool bhaav ajeebo-gareeb tareeke se karate hain kuchh sahaj bhaav se karate hain kuchh sthaan aise bhee hain jahaan molabhaav nahin hota hai apana alag alag paristhitiyaan dhaulapur se bol raha hoon vahaan kuchh sthaan aise hain ki 100 kee cheej paune do sau do sau tak bolee jaatee hai ab sone de dee jaatee hai aadamee sattar ₹75 kam kara kar bahut khush ho jaata hai to vahaan jo molabhaav karane vaale nahin hain unhen moorkh samajha jaata hai aisa aadamee kaheen doosaree jagah jaega jahaan bilkul bhee bol bhaav nahin hota to ek baar hoga jaroor karega jaroor prayaas kee aadat hai na isalie vyaapaaree mere ko chaahie vah graahak ko santusht karen samajhae bataen aur saamaanon se de ek baar agar vishvaas dila den ki varjinal saamaan oph dupleeket saamaan netaam ka bahut antar hota orijinal saamaan de raha hai aur ek baar vah apane graahak ka dil jeet le gaya tha ho sakata dobaara graahak lod karake aage samajh rahe hain na kuchh aise bhee hote hain jo molabhaav karane par graahakon ke saath badatameejee vyavahaar kar jaate hain graahak jo hai phir aisee dukaanon kee taraph munh nahin karata hai thaink yoo

#जीवन शैली

bolkar speaker
कुछ लोग दांत खोदने के लिए लकड़ी का प्रयोग करते हैं क्या यह सही है?Kuch Log Daat Khodne Ke Liye Lakdi Ka Prayog Karte Hai Kya Yah Sahi Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:02
लोग दांत खोदने के लिए लकड़ी का प्रयोग करते क्या है सही है देखिए जब गड़बड़ हो जाते हैं ना तो उसमें क्या खाना पड़ता है तो मेरे विचार से तो ऐसे लोगों के चाहिए कुछ कुल्ला करने से मुंह में पानी लेकर के और उसको अंदर से रमजान की देते रहेंगे तो तुझे तो कुछ गंदगी तो निकल सकती है दूसरा यह कि धाम पल पल सताती जीत की गंदी आदत को जगह जगह जाती है ऐसे में लोग क्या करते हैं क्यों लकड़ी याद के सहारे निकाल लेते हैं लेकिन कितना भी आने लगी है और विशेष करके नीम की जो पंक्तियां होती है तो उसके डेंटल इन पत्तियों की डंठल जिसमें होती है वह दो तीन टुकड़े तोड़ कर के रखे हैं सबको एक लाभ होगा कि वह एंटीबायोटिक होती हैं तो उससे आपको तो नुकसान नहीं होगा वैसे इस आदत को मुंह साफ करें ब्रश कर लिया करें खाना खाने आने के बाद तो ज्यादा अच्छा है
Log daant khodane ke lie lakadee ka prayog karate kya hai sahee hai dekhie jab gadabad ho jaate hain na to usamen kya khaana padata hai to mere vichaar se to aise logon ke chaahie kuchh kulla karane se munh mein paanee lekar ke aur usako andar se ramajaan kee dete rahenge to tujhe to kuchh gandagee to nikal sakatee hai doosara yah ki dhaam pal pal sataatee jeet kee gandee aadat ko jagah jagah jaatee hai aise mein log kya karate hain kyon lakadee yaad ke sahaare nikaal lete hain lekin kitana bhee aane lagee hai aur vishesh karake neem kee jo panktiyaan hotee hai to usake dental in pattiyon kee danthal jisamen hotee hai vah do teen tukade tod kar ke rakhe hain sabako ek laabh hoga ki vah enteebaayotik hotee hain to usase aapako to nukasaan nahin hoga vaise is aadat ko munh saaph karen brash kar liya karen khaana khaane aane ke baad to jyaada achchha hai

#जीवन शैली

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सुबह जल्दी कैसे उठे?Subah Jaldi Kaise Uthe
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:28
कपड़ा मैं सुबह जल्दी कैसे उठे तो देखें कुछ काम तो जो है वह आदत स्वभाव के अनुसार अब एक बार आदत बन जाएगी तो होगा उसके लिए जरूरी है कि शाम को जल्दी भोजन कर लें और शाम को जितनी जल्दी हो सके आठ साडे आठ 9:00 बजे तक बिस्तर पर चले जा समझा अपना गहरी नींद लेने की कोशिश करें चिंता मुक्त हो करके निश्चित है कि ऐसा रक्षक 7 घंटे बाद अगर 9:00 बजे आप सोते हैं तो 4:00 बजे के लगभग आपकी आंख अपने आप खुल जाएगी दूसरा भी अलार्म का प्रयोग कर सकते हैं लेकिन रोटेशन में बनेगा क्योंकि कुछ लोग रात में रकम सोते दिन में गर्मी के दिनों में विशेष करके अलग से आता है आधे घंटे 45 मिनट का टाइम निकाल लेते हैं तो एक तो यह है कि आप रात को जल्दी सोएंगे तो सुबह जल्दी उठकर दूसरा परफेक्ट भोजन करें समझे आप ना तो उससे भी आपकी नींद पर असर पड़ेगा और एक बार जब आप की आदत महीने 15 दिन में पड़ गई अलग से छोड़े रात जागना है थोड़ा स्वस्थ अपने को रखने की कोशिश करें तो निश्चित है कि आप सुबह जल्दी उठोगे एक बात और कहना चाहूंगा कि अगर आज मीठा नहीं है मुझे प्रतिदिन सुबह उठना है तब तो मोबाइल में भी अलार्म आ गया घड़ियों में भी अलार्म होता है आसपास के लोगों से कहेंगे तो कई ऐसे मुझे सुबह उठ जाते हैं वह जगह सकते हैं आपको इस तरह से कुछ दिन आप कोशिश करें दादा थैंक यू
Kapada main subah jaldee kaise uthe to dekhen kuchh kaam to jo hai vah aadat svabhaav ke anusaar ab ek baar aadat ban jaegee to hoga usake lie jarooree hai ki shaam ko jaldee bhojan kar len aur shaam ko jitanee jaldee ho sake aath saade aath 9:00 baje tak bistar par chale ja samajha apana gaharee neend lene kee koshish karen chinta mukt ho karake nishchit hai ki aisa rakshak 7 ghante baad agar 9:00 baje aap sote hain to 4:00 baje ke lagabhag aapakee aankh apane aap khul jaegee doosara bhee alaarm ka prayog kar sakate hain lekin roteshan mein banega kyonki kuchh log raat mein rakam sote din mein garmee ke dinon mein vishesh karake alag se aata hai aadhe ghante 45 minat ka taim nikaal lete hain to ek to yah hai ki aap raat ko jaldee soenge to subah jaldee uthakar doosara paraphekt bhojan karen samajhe aap na to usase bhee aapakee neend par asar padega aur ek baar jab aap kee aadat maheene 15 din mein pad gaee alag se chhode raat jaagana hai thoda svasth apane ko rakhane kee koshish karen to nishchit hai ki aap subah jaldee uthoge ek baat aur kahana chaahoonga ki agar aaj meetha nahin hai mujhe pratidin subah uthana hai tab to mobail mein bhee alaarm aa gaya ghadiyon mein bhee alaarm hota hai aasapaas ke logon se kahenge to kaee aise mujhe subah uth jaate hain vah jagah sakate hain aapako is tarah se kuchh din aap koshish karen daada thaink yoo

#भारत की राजनीति

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क्या हर दिन अगर इंसान 10000 कदम पैदल चले तो 1 महीने में 5 किलो वजन कम कर सकता है?Kya Har Din Agar Insaan 10000 Kadam Paidal Chale To 1 Mahine Mein 5 Kilo Wajan Kam Kar Sakta Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:04
क्या हर दिन अगर इंसान 1000 10000 कदम पैदल चले तो 1 महीने में 4 किलोग्राम वजन कम कर सकता हूं मित्र 10000 का मतलब है 2:30 से भाग दे दिए 4 किलोमीटर लगभग तो अगर वह खानपान को संतुलित रखता तो निश्चित रूप से 1 महीने में उसका वजन कम तो होगा 5 किलो कैसे तुलनात्मक कम होगा 10 परसेंट 5% कुछ हो जनाब बताए होते हैं 60 70 के लोक आती है तुम्हारे ख्याल से 1 महीनों के लोग डेढ़ किलो वजन कम हो जाएगा उसका आधार पर नियंत्रण रखें पता चलता है 4 किलोमीटर पैदल या 10000 कदम लेकिन फिर वह फटी खाना खा रहा कार्बोहाइड्रेट आदि ले रहा है बिना सोचे समझे रहा है तो भूख लगी इसके साथ भोजन का भी संतुलित होना जरूरी है वजन उस अनुपात में घटेगा जैसा आपका शारीरिक विन्यास होगा थैंक
Kya har din agar insaan 1000 10000 kadam paidal chale to 1 maheene mein 4 kilograam vajan kam kar sakata hoon mitr 10000 ka matalab hai 2:30 se bhaag de die 4 kilomeetar lagabhag to agar vah khaanapaan ko santulit rakhata to nishchit roop se 1 maheene mein usaka vajan kam to hoga 5 kilo kaise tulanaatmak kam hoga 10 parasent 5% kuchh ho janaab batae hote hain 60 70 ke lok aatee hai tumhaare khyaal se 1 maheenon ke log dedh kilo vajan kam ho jaega usaka aadhaar par niyantran rakhen pata chalata hai 4 kilomeetar paidal ya 10000 kadam lekin phir vah phatee khaana kha raha kaarbohaidret aadi le raha hai bina soche samajhe raha hai to bhookh lagee isake saath bhojan ka bhee santulit hona jarooree hai vajan us anupaat mein ghatega jaisa aapaka shaareerik vinyaas hoga thaink

#भारत की राजनीति

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रोजाना 1 घंटे साइकिल चलाने के क्या फायदे हैं?Rojana 1 Ghante Cycle Chalane Ke Kya Fayde Hain
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:27
पूछा - 1 घंटे साइकिल चलाने के क्या फायदे बेटा क्या कर शरीर स्वस्थ है तो साइकिल चलाने के फायदे फायदे हैं शरीर स्वस्थ नहीं है तो फिर नुकसान नहीं है आपने पूछा तो इससे सबसे पहला फायदा थे है कि शारीरिक व्यायाम पूरी एक्सरसाइज होती है शरीर के लगभग सभी अंगों किड्स कलेक्शन साइज हो जाती है साइकिल चलाने से नंबर एक नंबर तो इससे आपका एक घंटा घर साइकिल चलाते हैं 1012 किलोमीटर आप साइकिल चला लेंगे और आज पेट्रोलियम की जो कीमत है ₹25 ₹30 एक बचत कर लेंगे दूसरी बातें देख एक एक मोटरसाइकिल 50 से 7000 में आ रही पर एक अच्छी साइकिल 4 ₹5000 में दूसरा है कि आज बच्चे की शादी रेगिस्तान के लिए जिम में जा रहे हैं भागदौड़ कर रहे हैं तो मेरे विचार से साइकिल चलाने से सबसे बड़ा लाभ की ही है और इससे आपको अनिल करो उस निजात मिलेगी आप नहीं तो की कुल एक्सरसाइज है तो आपकी पाचन शक्ति की होगी ने अपना आखिरी सांस की प्रॉब्लम दूर होगी समझा कि आप कैसे हो आप आती लेते उससे बहुत ज्यादा फायदा होगा और बचत की बचत तो होगी ही तो मेरे विचार से साइकिल चलाने से फुल व्यायाम से कितने लाभ हो सकते हैं उससे फोन देते हैं
Poochha - 1 ghante saikil chalaane ke kya phaayade beta kya kar shareer svasth hai to saikil chalaane ke phaayade phaayade hain shareer svasth nahin hai to phir nukasaan nahin hai aapane poochha to isase sabase pahala phaayada the hai ki shaareerik vyaayaam pooree eksarasaij hotee hai shareer ke lagabhag sabhee angon kids kalekshan saij ho jaatee hai saikil chalaane se nambar ek nambar to isase aapaka ek ghanta ghar saikil chalaate hain 1012 kilomeetar aap saikil chala lenge aur aaj petroliyam kee jo keemat hai ₹25 ₹30 ek bachat kar lenge doosaree baaten dekh ek ek motarasaikil 50 se 7000 mein aa rahee par ek achchhee saikil 4 ₹5000 mein doosara hai ki aaj bachche kee shaadee registaan ke lie jim mein ja rahe hain bhaagadaud kar rahe hain to mere vichaar se saikil chalaane se sabase bada laabh kee hee hai aur isase aapako anil karo us nijaat milegee aap nahin to kee kul eksarasaij hai to aapakee paachan shakti kee hogee ne apana aakhiree saans kee problam door hogee samajha ki aap kaise ho aap aatee lete usase bahut jyaada phaayada hoga aur bachat kee bachat to hogee hee to mere vichaar se saikil chalaane se phul vyaayaam se kitane laabh ho sakate hain usase phon dete hain

#रिश्ते और संबंध

bolkar speaker
किसी के चरित्र पर शंका करना आजकल आम बात क्यों होने लगी है?Kisi Ke Charitra Par Shanka Karna Aajkal Aam Baat Kyon Hone Lagi Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:09
किसी की चेयरपर्सन कर करना आजकल आम बात क्यों होने लगी बेटा ऐसा है जिसमें खोया हुआ है प्रकार हर कोई अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करना चाहता है और ऐसे में किसी के साथ भी धोखा हो सकता है अपना उल्लू सीधा करने के लिए आदमी कुछ भी कर सकता है और ऐसे में एक आम आदमी इतनी बार चला गया है ठगा गया है विश्वासघात का शिकार हुआ है कि अब अगर मैं बिना ना करो तो अपने आप पर भी उसका विश्वास शायद नहीं हो पाता है तो अपनों पर विश्वास करना तो बहुत मुश्किल है समझा अपना इसलिए आदमी अब किसी पर भी विश्वास नहीं करता है और न करना चाहिए एक बार किसी को आप विश्वास की नजर से देखे हैं थोड़ा सा प्रश्न चिह्न जरूर मन में रखें और किसी को भी अंगीकार करते हुए किसी से जोड़ते हो सुनैना थोड़ा सा करने में जरूर है आज की आवश्यकता भी है और आपके लिए जरूरी भी है
Kisee kee cheyaraparsan kar karana aajakal aam baat kyon hone lagee beta aisa hai jisamen khoya hua hai prakaar har koee apanee mahatvaakaanksha ko poora karana chaahata hai aur aise mein kisee ke saath bhee dhokha ho sakata hai apana ulloo seedha karane ke lie aadamee kuchh bhee kar sakata hai aur aise mein ek aam aadamee itanee baar chala gaya hai thaga gaya hai vishvaasaghaat ka shikaar hua hai ki ab agar main bina na karo to apane aap par bhee usaka vishvaas shaayad nahin ho paata hai to apanon par vishvaas karana to bahut mushkil hai samajha apana isalie aadamee ab kisee par bhee vishvaas nahin karata hai aur na karana chaahie ek baar kisee ko aap vishvaas kee najar se dekhe hain thoda sa prashn chihn jaroor man mein rakhen aur kisee ko bhee angeekaar karate hue kisee se jodate ho sunaina thoda sa karane mein jaroor hai aaj kee aavashyakata bhee hai aur aapake lie jarooree bhee hai

#जीवन शैली

bolkar speaker
एक इंसान की चरित्रहीनता की पराकाष्ठा क्या हो सकती है?Ek Insan Ki Charitrahinta Ki Parakashtha Kya Ho Sakti Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:08
स्टाफ का प्रश्न एक इंसान की चरित्र हीनता की पराकाष्ठा क्या हो सकती है तो देखना चरित्र है क्या सामाजिक मान्यताओं चाहे उसको नैतिक मान्यताओं कह दीजिए जिससे समाज की परंपरागत मान्यताओं मानव मूल्यों की रक्षा होती हूं चरित्र कहा जाता है जो उसका अनुपालन करे वह चरित्रवान कहा जाता है पंजाब में इन मान्यताओं को नकार दिया जाए तो आदमी की जिंदगी पशुओं से भी बदतर हो सकती है कि नहीं को राक्षस पिशाच निकट आ जाता था तो जो नैतिक धरातल पर गिरा हुआ हो चरित्रहीन हो इतनी घिनौनी हरकत कर सकता किसी नाबालिग लड़की से छोटी बच्ची से रेप करना फिर उसका गला घोट दे ना थोड़े से पैसे के लिए किसी का गला घोट देना उसे जला देना मार देना किसी के साथ किसी भी प्रकार की बेईमानी करना ऐसे न जाने कितने उदाहरण है जो चरित्रहीन तक इधर आ कर दिए जा सकते हैं थैंक यू
Staaph ka prashn ek insaan kee charitr heenata kee paraakaashtha kya ho sakatee hai to dekhana charitr hai kya saamaajik maanyataon chaahe usako naitik maanyataon kah deejie jisase samaaj kee paramparaagat maanyataon maanav moolyon kee raksha hotee hoon charitr kaha jaata hai jo usaka anupaalan kare vah charitravaan kaha jaata hai panjaab mein in maanyataon ko nakaar diya jae to aadamee kee jindagee pashuon se bhee badatar ho sakatee hai ki nahin ko raakshas pishaach nikat aa jaata tha to jo naitik dharaatal par gira hua ho charitraheen ho itanee ghinaunee harakat kar sakata kisee naabaalig ladakee se chhotee bachchee se rep karana phir usaka gala ghot de na thode se paise ke lie kisee ka gala ghot dena use jala dena maar dena kisee ke saath kisee bhee prakaar kee beeemaanee karana aise na jaane kitane udaaharan hai jo charitraheen tak idhar aa kar die ja sakate hain thaink yoo

#रिश्ते और संबंध

bolkar speaker
आपकी नजर में प्रेम क्या है क्या प्रेम की कोई सटीक परिभाषा है?Aapki Nazar Me Prem Kya Hai Kya Prem Ki Koi Sateek Paribhasha Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:18
आपने पूछा आपकी नजर में प्रेम क्या है क्या प्रेम की कोई सटीक परिभाषा बिल्कुल सटीक परिभाषा भैया क्यों नहीं है प्रेम का अर्थ लगाओ ता है उसे प्रेम का सच्चा अर्थ है अपनी सत्ता को भूल कर के और दूसरे की सत्ता को स्वीकार कर लेना बल्कि अंगीकार कर लेना और उसी में विलीन हो जाना ही सच्चा प्रेम है प्रेम ऐसा जिसमें जिसके प्रेम है वह हमारे ऊपर प्रभावी हो जाए उसके दिनचर्या हमारे ऊपर प्रभावित हो जाए प्रभावी हो जाओ और हम उसके अनुरूप अपने आप को परिवर्तित करने प्रेम और इसका सबसे बढ़िया उदाहरण दें क्योंकि प्रेम के 25 शब्द के पर्यायवाची हैं एक मां को देखिए बहू या लड़की जब बहू बनती है तो पति प्यार करती है लेकिन जब वह मां बनती है तो कितना भी उस साफ-सुथरे रहती हो लेकिन जब उसका बच्चा बिस्तर गिला करता तो सबसे पहले मुंह से सुनकर में रखती भले ही खुद गीली में थोड़ी देर बैठी रे मैं तो यह सच्चा प्यार है या व्यक्ति अपने प्यार के प्रति अपनी सत्ता का तिरस्कार कर दिया करता है और उसकी तब तक उनकी कर कर लिया करो थैंक यू
Aapane poochha aapakee najar mein prem kya hai kya prem kee koee sateek paribhaasha bilkul sateek paribhaasha bhaiya kyon nahin hai prem ka arth lagao ta hai use prem ka sachcha arth hai apanee satta ko bhool kar ke aur doosare kee satta ko sveekaar kar lena balki angeekaar kar lena aur usee mein vileen ho jaana hee sachcha prem hai prem aisa jisamen jisake prem hai vah hamaare oopar prabhaavee ho jae usake dinacharya hamaare oopar prabhaavit ho jae prabhaavee ho jao aur ham usake anuroop apane aap ko parivartit karane prem aur isaka sabase badhiya udaaharan den kyonki prem ke 25 shabd ke paryaayavaachee hain ek maan ko dekhie bahoo ya ladakee jab bahoo banatee hai to pati pyaar karatee hai lekin jab vah maan banatee hai to kitana bhee us saaph-suthare rahatee ho lekin jab usaka bachcha bistar gila karata to sabase pahale munh se sunakar mein rakhatee bhale hee khud geelee mein thodee der baithee re main to yah sachcha pyaar hai ya vyakti apane pyaar ke prati apanee satta ka tiraskaar kar diya karata hai aur usakee tab tak unakee kar kar liya karo thaink yoo

#जीवन शैली

bolkar speaker
ऐसी क्या सावधानी रखें कि वृद्धावस्था सुख से कट सके?Aesi Kya Savdhani Rakhe Ki Vriddavastha Sukh Se Kat Sake
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:34
से क्या सावधानी रखें कि वृद्धावस्था सुख सेट कर सके मित्र मेरे विचार से मैं भी उसी अवस्था में आ रहा हूं सबसे पहले सावधानी है कि हम जितना संभव हो सके आत्मनिर्भर बने रहें अपने कामों को स्वयं पूरा करने की कोशिश करें समझे आप ना दूसरों को अहसास न होने दें कम उनके ऊपर निर्भर है इस आप निर्भरता में शारीरिक प्रयास के साथ-साथ थोड़ा सा भौतिक प्रयास भी होना चाहिए भौतिक धरातल पर भी हमें आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करना चाहिए तीसरा थोड़ा सा नियम का परिचय दें घर परिवार के आंतरिक मामलों में बहुत सोच समझकर आपदाएं संध्या अपना जहां आपकी पूछना हो वहां दाल भात में मुंह से सन में बने बच्चों को भी टोकने टेक्निक प्रवीण छोड़ें और तब उन्हें दो कि जब वह आपकी बात सुनते हो या कोई ऐसा परिवेश को जहां आप धीरे से बात कर सके समझा अपना अन्यथा आप जो है अपने बच्चे और बच्चों के बच्चों के बीच बेगाने हो जाएंगे जब तक आप की प्रासंगिकता बनी रहेगी थोड़ा पैसा आपके पास है टेंशन आपके पास है शरीर से आपको स्वस्थ हैं समझे प्रशांत बने रहते हैं ज्यादा उछल कूद नहीं करते हैं तो घर में आपकी इज्जत रहेगी अन्यथा बुढ़ापा बाहर भी बन सकता था
Se kya saavadhaanee rakhen ki vrddhaavastha sukh set kar sake mitr mere vichaar se main bhee usee avastha mein aa raha hoon sabase pahale saavadhaanee hai ki ham jitana sambhav ho sake aatmanirbhar bane rahen apane kaamon ko svayan poora karane kee koshish karen samajhe aap na doosaron ko ahasaas na hone den kam unake oopar nirbhar hai is aap nirbharata mein shaareerik prayaas ke saath-saath thoda sa bhautik prayaas bhee hona chaahie bhautik dharaatal par bhee hamen aatmanirbhar banane kee koshish karana chaahie teesara thoda sa niyam ka parichay den ghar parivaar ke aantarik maamalon mein bahut soch samajhakar aapadaen sandhya apana jahaan aapakee poochhana ho vahaan daal bhaat mein munh se san mein bane bachchon ko bhee tokane teknik praveen chhoden aur tab unhen do ki jab vah aapakee baat sunate ho ya koee aisa parivesh ko jahaan aap dheere se baat kar sake samajha apana anyatha aap jo hai apane bachche aur bachchon ke bachchon ke beech begaane ho jaenge jab tak aap kee praasangikata banee rahegee thoda paisa aapake paas hai tenshan aapake paas hai shareer se aapako svasth hain samajhe prashaant bane rahate hain jyaada uchhal kood nahin karate hain to ghar mein aapakee ijjat rahegee anyatha budhaapa baahar bhee ban sakata tha

#जीवन शैली

bolkar speaker
जब हमें सफलता ना मिले तो उस में कुछ बदलाव लाना जरूरी हो जाता है क्यों?Jab Hame Safhalata Na Mile To Us Me Kuch Badlav Lana Jaruri Ho Jata Hai Kyo
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:31
भैया जी आपका पर्सनल जब हमें सफलता न मिले तो उस में कुछ बदलाव लाना जरूरी हो जाता क्योंकि इसमें शायद उपाय आप पूछना चाहते हैं तो देखिए ऐसा है कि जब अपने उद्देश्य का निर्धारण करता है तो अपने कर्म का निर्धारण कर लेता है कि नीति बना लेता है योजना बना लेता है और अगर यह योजना सफल ना हो निश्चित रूप से उसे अपने कर्म कौशल में अपने प्रयासों में कुछ परिवर्तन करना चाहिए उस साथ ही मैं तो यह भी कहता हूं कि अपनी क्षमता को देखते हुए जिस क्षेत्र में आप प्रयास कर रहे हैं अगर आपको लगता है कि उचित लाभ के लिए अनभिज्ञ है आप उसमें ज्यादा कुछ नहीं गिन कर सकते तो आपको उसे छोड़ देना चाहिए कि व्यापार है शिक्षा शिक्षा में कैसे जिसे साइंस के खेत में आ जाना चाह रहे हैं लेकिन सबके बस की बात नहीं है तो आर्ट्स में कॉमर्स में कहीं कोशिश कीजिए समझे आपने हर बच्चा जो है वह मैच का जानकार नहीं होता हर बच्चा जो है जूलॉजी और बा अपनी का जानकार नहीं होता हर बच्चा फिजिक्स केमिस्ट्री का जानकार नहीं होता लेकिन हां इसका मतलब यह नहीं है क्या आप तो हर जगह से हार मान लें कि आप को स्वीकार करना चाहिए कि आप जो है कुछ कर सकते हैं कोई ना पूछे तो ऐसा क्यों इतना प्रयास कर सकें ठीक है ना और इस प्रयास को करते हुए अगर सफलता से थोड़ी दूर रहते हैं तो सफलता के कारणों को खोजो तनु फिर दोबारा निर्णय लीजिए और प्रयास कीजिए
Bhaiya jee aapaka parsanal jab hamen saphalata na mile to us mein kuchh badalaav laana jarooree ho jaata kyonki isamen shaayad upaay aap poochhana chaahate hain to dekhie aisa hai ki jab apane uddeshy ka nirdhaaran karata hai to apane karm ka nirdhaaran kar leta hai ki neeti bana leta hai yojana bana leta hai aur agar yah yojana saphal na ho nishchit roop se use apane karm kaushal mein apane prayaason mein kuchh parivartan karana chaahie us saath hee main to yah bhee kahata hoon ki apanee kshamata ko dekhate hue jis kshetr mein aap prayaas kar rahe hain agar aapako lagata hai ki uchit laabh ke lie anabhigy hai aap usamen jyaada kuchh nahin gin kar sakate to aapako use chhod dena chaahie ki vyaapaar hai shiksha shiksha mein kaise jise sains ke khet mein aa jaana chaah rahe hain lekin sabake bas kee baat nahin hai to aarts mein komars mein kaheen koshish keejie samajhe aapane har bachcha jo hai vah maich ka jaanakaar nahin hota har bachcha jo hai joolojee aur ba apanee ka jaanakaar nahin hota har bachcha phijiks kemistree ka jaanakaar nahin hota lekin haan isaka matalab yah nahin hai kya aap to har jagah se haar maan len ki aap ko sveekaar karana chaahie ki aap jo hai kuchh kar sakate hain koee na poochhe to aisa kyon itana prayaas kar saken theek hai na aur is prayaas ko karate hue agar saphalata se thodee door rahate hain to saphalata ke kaaranon ko khojo tanu phir dobaara nirnay leejie aur prayaas keejie

#पढ़ाई लिखाई

डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:27
कपास में आपदा प्रबंधन का ज्ञान प्रत्येक विद्यार्थी को होना चाहिए क्यों आपदा प्रबंधन का ज्ञान प्रत्येक विद्यार्थी नहीं बल्कि देश के प्रत्येक व्यक्ति को होना चाहिए स्काउटिंग में डिस्कवरी स्काउटिंग कहते हैं जो 16 साल से ऊपर के बच्चों की ट्रेनिंग होती है उस से रात 3:00 बजे तक ट्रेनिंग दी है और एग्जाम लिया है तो उसमें आपदा प्रबंधन एक विशिष्ट कोर्स है इसके लिए कोई बात नहीं करनी पड़ती है लेकिन जीवन में कहीं चोट लग जाना कहीं आग लग जाना कहीं किसी का भी हो सो जाना समझ लेना या एक्सीडेंट में घायल हो जाना ही छोटी मोटी बातें हैं अभी आपने इसके लिए अगर आपको थोड़ा सा आपदा प्रबंधन का ज्ञान है तो आप अपने लिए और दूसरों के लिए दोनों के लिए सहयोग कर सकते हैं समझे आपने आपके अंदर जो है सदा सहायता संवेदनशीलता भी बनी रहती है और दूसरों के बीच इज्जत भी पड़ती है तो मेरे विचार से केवल विद्यार्थी नहीं बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को इसका ज्ञान होना चाहिए और हमारे राजस्थान में तो अब जगह जगह जो है लड़कियों को आत्म सुरक्षा के ज्ञान कराए जा रहे हैं कि किस तरह से अपनी सुरक्षा करें इसी तरीके से आग लगने पर पानी में डूबते हुए पर किसी घायल व्यक्ति को देख कर के किस तरह से उसकी मदद की जाए इसका मालिक भी होना चाहिए
Kapaas mein aapada prabandhan ka gyaan pratyek vidyaarthee ko hona chaahie kyon aapada prabandhan ka gyaan pratyek vidyaarthee nahin balki desh ke pratyek vyakti ko hona chaahie skauting mein diskavaree skauting kahate hain jo 16 saal se oopar ke bachchon kee trening hotee hai us se raat 3:00 baje tak trening dee hai aur egjaam liya hai to usamen aapada prabandhan ek vishisht kors hai isake lie koee baat nahin karanee padatee hai lekin jeevan mein kaheen chot lag jaana kaheen aag lag jaana kaheen kisee ka bhee ho so jaana samajh lena ya ekseedent mein ghaayal ho jaana hee chhotee motee baaten hain abhee aapane isake lie agar aapako thoda sa aapada prabandhan ka gyaan hai to aap apane lie aur doosaron ke lie donon ke lie sahayog kar sakate hain samajhe aapane aapake andar jo hai sada sahaayata sanvedanasheelata bhee banee rahatee hai aur doosaron ke beech ijjat bhee padatee hai to mere vichaar se keval vidyaarthee nahin balki pratyek vyakti ko isaka gyaan hona chaahie aur hamaare raajasthaan mein to ab jagah jagah jo hai ladakiyon ko aatm suraksha ke gyaan karae ja rahe hain ki kis tarah se apanee suraksha karen isee tareeke se aag lagane par paanee mein doobate hue par kisee ghaayal vyakti ko dekh kar ke kis tarah se usakee madad kee jae isaka maalik bhee hona chaahie
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