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चीन के द्वारा नेपाल की जमीन हड़पने के बाद अब नेपाल किसका साथ देगा?

भारत बनेगा स्वर्ग नमामि गंगे photo भारत बनेगा स्वर्ग नमामि गंगे -रेस्टोरेंट में मुनीम के पद पर कार्यरत


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क्या नेपाल के मामले से यह बात सामने आती है की भारत की परराष्ट्र निती असफल हुई है ?


क्या भारत नेपाल पर दादागीरी कर रहा हैं या चायना क्या लगता है आपको ?


नेपाल को सीमा विवाद पर भारत सरकार की और से जवाब किस तरीके से दिया जाना चाहिए ?

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चीन और नेपाल दोनों भारत को क्यों डरा रहे हैं?

Saurabh Rai photo Saurabh Rai -Software Engineer


देखिए जो सारा मुद्दा है कि चीन नेपाल पाकिस्तान इन सब को समझने के लिए हमें सबसे पहले समझना होगा क्विडको क्विड क्विड क्या है भारत ऑस्ट्रेलिया अमेरिका और जापान का गुड़ा जो है गठबंधन कहानी की शुरुआत हुई थी एक दशक पहले जब भी नहीं चार देशों के संगठन को बनाने की बात चली थी उस वक्त कहते हैं कि ऑस्ट्रेलिया को चीन के दबाव में अपने कदम वापस लेने पड़े थे और हमारे यहां भी मनमोहन जी से जो है सुपर स्ट्रांग प्रधानमंत्री थे जो चीन के साथ साझा विजन के ही पक्ष रहते तो बात आई गई हो गई थी और चीन अपने वारो b1 रोड वन बेल्ट प्रोजेक्ट के सहारे अपने अश्वमेघ यज्ञ पर निर्बाध तरीके से दुनिया जीतने को निकल चुका था लेकिन अमेरिका और जापान के विजनरी लीडर समझ रहे थे कि यह मामला जो है भविष्य में बड़ा खतरा बनकर भरने वाला है तो क्या किया जापानी प्रधानमंत्री ने 2017 में एक बार फिर हिम्मत करके चारों देशों को एक साथ लाने का फिर से प्रस्ताव रखा इस बार भारत में किया था इस बार भारत में नरेंद्र मोदी की सरकार थी अमेरिका में डेरिंग कम की सरकार थी और ऑस्ट्रेलिया भी मान चुका था कि इंडो पेसिफिक रीजन में चीन को फ्री पास नहीं दिया जा सकता जिस स्क्वायड को एक दशक पहले खड़ा होना चाहिए था वह 2017 में हकीकत में बदलने लगा तो चौड़ा गठबंधन है इसके बनने का प्रमुख कारण है चीन द्वारा वन बेल्ट वन रोड जिसका उद्देश्य था चीन डोमिनेटेड दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक मंच का निर्माण करना जिससे चीन ने एक ग्लोबल सुपर पावर बनने का सपना देखा चीन के साथ दिक्कत यह है कि उसका जो तानाशाही रवैया है वह अपने देश के अंदरूनी मुद्दों पर चलता है वह उसे पूरी दुनिया में भी चलाना चाहता है यही वजह है कि चीन अपनी महत्वकांक्षी योजनाओं को लेकर अन्य देशों की संप्रभुता का ख्याल नहीं रखता है वहीं दूसरी तरफ चीन को रोकने में सक्षम किसी शक्ति का अभाव भी चीन को ओवर कॉन्फिडेंस से भरे जा रहा है अब स्क्वायड ग्रुप बनने के बाद ऐसा नहीं था कि चीन कमजोर पड़ गया वहीं आर्थिक महाशक्ति है यह सच्चाई है वह ताकतवर है यह भी सच है जब हमारी सरकारें सोई हुई थी और भ्रष्टाचार में लिप्त थी तब चीन स्ट्रिंग कपल्स के माध्यम से हमको जो है गिर चुका था वर्तमान में देखें तो चिंता अश्वमेघ यज्ञ का घोड़ा जो है बिना किसी चैलेंज के हमारे यहां से सफलतापूर्वक निकल चुका था और हम और आप उस समय आईपीएल और बॉलीवुड के कॉकटेल में और पाकिस्तानी मिमिक्री आर्टिस्ट की कॉमेडी गायकों की ग़ज़ल की रियल रियलिटी टीवी पर देखने में जो है हम लोग व्यस्त थे पूरा तंत्र इस पर जो है पर्दा डाल बैठा हुआ था भैया सब कुछ सही है जबकि दूसरी तरफ पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों के खिलाफ यूएन द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने का चीन विरोध करता रहा चीन तथा पाकिस्तान के सैन्य संबंध लगातार मजबूत हो रहे थे चीन पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर के संबंध में व्यक्त भारत की चिंताओं को नजरअंदाज कर रहा था वहीं भारत एनएसजी की सदस्यता हासिल नहीं कर पा रहा था हिंद महासागर में चीनी नौसेना की उपस्थिति जो है बढ़ती जा रही थी मालदीव श्रीलंका पाकिस्तान और अब जो है हमारा नेपाल यह आज से नहीं है यह तब से है यह जो हमारे सारे पड़ोसी जो है यह चीनी चीनी जो है इनकी में आक्रामक रूप से निवेश कर रहा था अब समझी नेपाल का कैसे कनेक्शन हुआ इससे इन तथ्यों की रोशनी में जब आप ट्रंप मोदी की दोस्ती देखेंगे जापान भारत के डायलॉग समझेंगे ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री द्वारा समोसे की फोटो डालना देखेंगे तब आपको सब आने लगेगा कि चीन डोकलाम में दबाव बनाने 2017 से ही क्यों शुरू कर दिया था अब क्योंकि 2017 में 1 वर्ड दोबारा खड़ा हो रहा था नॉर्थ कोरिया ने किसी के उकसावे पर जापान पर मिसाइल फायर की नेपाल को भारत के खिलाफ कौन उकसा रहा है आखिर पाकिस्तान क्यों चीन के पालतू पागल कुत्ते की तरह बिहेव कर रहा है या ट्रेन की विजिट एक दिन ही अचानक इतनी बड़ी बात दिल्ली में क्यों हो जाती है यह सब सहयोग नहीं है यह सब एक प्रयोग है जो पहले से चल रहा है अब नरेंद्र मोदी जी की जो सरकार है उसकी स्वर सबसे बड़ी ताकत कौन है हम और आप अब हमने क्या किया नरेंद्र मोदी की सरकार को दोबारा हमने चुन कर ले आए अब इस तरीके से चीन की जो सारे समीकरण है वह किसी तरीके से टूटता हुआ दिख रहा है अब उसके पास ऑप्शन क्या है अब उसके पास ऑप्शन है थोड़ा सा और नेपाल को भड़का है थोड़ा सा पाकिस्तान को भड़का है और खुद भी तो लद्दाख में जो कर रहा है तो यह सब कहीं न कहीं मेंटल गेम है जो आप कुल मिलाकर चीन जो है हमारे साथ खेलना चाह रहा है इसी वजह से वह नेपाल तो बस एक सहारा है उसका धन्यवाद
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भारत को कितना बड़ा नुकसान होगा अगर नेपाल चीन के साथ चला जाए?

पुरुषोत्तम सोनी photo पुरुषोत्तम सोनी -साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस


नेपाल हमेशा से भारत का दोस्त रहा है नेपाल की सीमा भारत से जुड़ी लेकिन चीन की भी सीमा नेपाल से जुड़ी हुई चीन ने नेपाल को पहले उसकी मदद की उसको लोन दे दिया काफी पैसा उस को कर्ज दे दिया उस कर्ज में वह उसकी एहसान के नीचे दबा हुआ नहीं तो पैसे वसूली करने लगेगा उसके ऊपर आकर बन कर सकता है तो उस भाई के कारण नेपाल के की जो राजनीति है वह बहुत दूषित हो चुकी है कि देश के ऊपर किसी प्रकार का चाइनीस आक्रमण ना हो सके क्योंकि जानते हैं कि चीन से लड़ाई लड़ने के लिए उनके पास कोई अस्त्र शस्त्र नहीं क्योंकि नेपाली गरीब देश उनकी अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत नहीं सारी कई देश मिलकर कि उसकी मदद करते हैं क्योंकि वह सारी सीमाओं का एक केंद्र बिंदु बना हुआ इसलिए वह चीन के दबाव में आकर के भारत के खिलाफत कर रहा है और भारत के कुछ क्षेत्रों को अपने नक्शे में दिखा भी दिया उसने तो अगर भारत चीन के नेपाल चीन के साथ चला जाता है तो जाहिर सी बात है कि चीन युद्ध क्षेत्र नेपाल में बनाकर के भारत स्थित किसी भी समय आक्रमण कर सकता है और यही चीन की विस्तार वादी नीति के प्रमुख बातें हैं यही जो नुकसान हमको नेपाल से हो सकता है वहीं नुकसान में पाकिस्तान से हो सकता है क्योंकि पाकिस्तान के बॉर्डर जो है वह चीन के सपोर्ट से ही सब पूरा तैयार हुआ है इसलिए पाकिस्तान भी चीन के दबाव में ही है और भारत में उससे दोस्ती दुश्मनी चल रही है इसलिए इन दोनों क्षेत्रों से हमको जो है नुकसान होने की संभावना है लेकिन भारत की सेना है बिल्कुल सतर्क है ऐसा कोई भी जल्दी होने वाला नहीं
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